अमेरिका में हुए 9/11 जैसे किसी भी हमले से निपटने के लिए इजराइल के पास एक पुराना मानक प्रोटोकॉल है। इजराइल ने तुरंत अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, फाइटर जेट्स को रवाना किया और एक विशेष कमान केंद्र स्थापित किया।FlyDubai plane- दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में पिछले हफ्ते कैप्टन पर हुए हमले के बाद इजराइल उसे मार गिराने के लिए तैयार था। इजराइल सख्त फैसला लेने को तैयार था, भले ही उस विमान में 170 से अधिक इजराइली नागरिक सवार थे। मामले की सीधी जानकारी रखने वाले दो इजराइली सूत्रों ने सीबीएस न्यूज को यह जानकारी दी है।
अचानक गोता खाया विमान
यात्रियों और कैप्टन के अनुसार, जब विमान इजराइल के करीब पहुंच रहा था, तब को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की थी। हमले के दौरान विमान अचानक 14,000 फीट नीचे आ गया था। इजराइली वायु सेना ने तुरंत कॉकपिट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला।
इजराइल का इमरजेंसी प्रोटोकॉल और 9/11 जैसा खतरा
अमेरिका में हुए 9/11 जैसे किसी भी हमले से निपटने के लिए इजराइल के पास एक पुराना मानक प्रोटोकॉल है। इजराइल ने तुरंत अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, फाइटर जेट्स को रवाना किया और एक विशेष कमान केंद्र स्थापित किया। इजराइली सुरक्षा नीति के अनुसार, अगर किसी अपहृत या अनियंत्रित विमान को इजराइल की ओर बढ़ते देखा जाता है, तो उसे हवा में ही मार गिराया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि वह विमान किसी बड़े ठिकाने (जैसे अज्रिएली टावर्स या एयरपोर्ट) से टकराकर सैकड़ों लोगों की जान न ले ले। यह अंतिम फैसला सिर्फ देश के प्रधानमंत्री ही ले सकते हैं।सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग
इजराइल से लगभग 400 मील दूर रहते हुए विमान का रुख सऊदी अरब की ओर हो गया, जिसके बाद सऊदी वायु सेना ने भी अपने फाइटर जेट्स रवाना किए। यह देखकर इजराइल ने अपने लड़ाकू विमानों को वापस बुला लिया। घायल कैप्टन स्मित मच्छार किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहा। इसके बाद इजराइली यात्रियों और फ्लाईदुबई के क्रू ने को-पायलट हमाम-अल-हमामी को दबोच लिया। इसके बाद फ्लाइट में सवार दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और सऊदी अरब के तबुक (Tabuk) में विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
दुनिया की नजरों में हीरो बने कैप्टन स्मित
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइदुबाई की उड़ान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस और बहादुरी की गूंज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है। इस साहसिक घटनाक्रम के बाद वैश्विक नेताओं की ओर से उन्हें हीरो बताया जा रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को हीरो बताते हुए कहा कि खुद गंभीर रूप से घायल होने और चाकू लगने के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को हमलावर को दबोचने का मौका दिया। नेतन्याहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कैप्टन स्मित ने इजराइली नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाकर मिड-एयर में 9/11 जैसी एक भीषण त्रासदी और तबाही को टाल दिया। वहीं, पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित की सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम किया। पीएम ने कैप्टन स्मित के परिजनों से भी बात की। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित की सूझबूझ से 9-11 जैसे हमला टल गया। अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित की तारीफ करते हुए उन्हें अभूतपूर्व हिम्मत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कॉकपिट में इस तरह के हमले के बावजूद विमान को नियंत्रण में रखना और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करना एक असाधारण उपलब्धि है।






































