‘एक करोड़ मुआवजा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा’, CJP चीफ ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, की ये 5 डिमांड

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नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी प्रमुख अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने केंद्र सरकार से उन छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की अपील की, जिनकी कथित तौर पर पेपर लीक संकट के बीच आत्महत्या से मौत हो गई। प्रधानमंत्री को लिखे इस पत्र में दिपके ने परीक्षाओं और दोबारा परीक्षाओं को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा संकट पर चिंता जताई।

11 युवा छात्रों को खो दिया

मैं आज भारी मन से बढ़ते हुए संकट की ओर आपका जरूरी ध्यान दिलाने के लिए लिख रहा हूं। यह हमारे देश के भविष्य, यानी हमारे युवा छात्रों की जिंदगी और मानसिक सेहत के लिए खतरा बन गया है। हाल के हफ्तों में कई छात्रों की मौत हुई है। हमने 11 युवा छात्रों को आत्महत्या के कारण खो दिया है। 5 दिल दहला देने वाली मौतें पिछले 48 घंटों के अंदर हुईं है।

अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी चीफ

नाकामियों के कारण टूट गए सपने

अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले परीक्षा विवादों और दोबारा परीक्षा कराने के कारण छात्रों और उनके परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है। यह खतरनाक चलन कम होने के बजाय और तेज होता जा रहा है, क्योंकि युवाओं पर दोबारा होने वाली परीक्षाओं का दबाव मंडरा रहा है। सीजेपी चीफ ने आगे कहा कि पिछले दो महीनों के अंदर मैं व्यक्तिगत रूप से उन छात्रों के कई दुखी परिवारों से मिला हूं, जिन्होंने आत्महत्या जैसा दुखद कदम उठाया है। बच्चे को खोने के असहनीय भावनात्मक सदमे के अलावा, ये परिवार अब गंभीर और बढ़ती हुई आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। बेहतर भविष्य की उम्मीद में, कई लोगों ने अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए भारी-भरकम एजुकेशन लोन लिए थे, जो सिस्टम की नाकामियों के कारण बेरहमी से ट

ये हैं दिपके की 5 मांगें

  1. धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें
  2. पीड़ित छात्रों को एक करोड़ मुआवजा दें
  3. व्यवस्थागत खामियों को दूर करें
  4. प्रभावित परिवारों की तुरंत आर्थिक मदद हो
  5. पेपर लीक के जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन हो

तुरंत की जानी चाहिए आर्थिक मदद

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख ने प्रभावित परिवारों के लिए तुरंत आर्थिक मदद की मांग की और सरकार से दखल देने के लिए कहा। दिपके ने कहा कि जिन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में इन परिवारों ने अपनी जीवन भर की कमाई लगा दी थी, उन्हीं को खोने के बाद ये परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं। सरकार को तुरंत राहत देनी चाहिए। हमारी मांग है कि आपका प्रशासन उन सभी परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे, जिन्होंने पेपर लीक के बढ़ते संकट के कारण आत्महत्या की घटना का सामना किया है।

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