केंद्र सरकार के ‘एक देश, एक चुनाव’ के प्रस्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, सरकार जिस ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का ढिंढोरा पीट रही है, वह सिर्फ एक नारा है। इसके पीछे की असली मंशा ‘वन नेशन, वन पॉलिटिकल पार्टी’ (एक देश, एक पार्टी) बनाने की है।Abhijeet Dipke- मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर नए आरोप लगाए हैं। दीपके का दावा है कि उनके कार्यकर्ताओं को आंदोलन से पीछे हटने के लिए पुलिस द्वारा नोटिस दिए जा रहे हैं और लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (एक देश, एक चुनाव) नीति पर तीखा प्रहार करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ एक छलावा है और सरकार का असली मकसद “एक देश, एक राजनीतिक पार्टी” स्थापित करना है।
CJP कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया दबाव और नोटिस का दावा
मुंबई के शिवाजी पार्क से अपना आंदोलन शुरू करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके का कहना है कि प्रशासन विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। दीपके के अनुसार, CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं और युवा समर्थकों को पुलिस द्वारा धारा 149 व अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत नोटिस भेजे जा रहे हैं ताकि वे आगामी विरोध प्रदर्शनों में भाग न लें। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन कार्यकर्ताओं के घरों पर जाकर उन्हें और उनके परिवारों को डरा-धमका रहा है, जिससे वे सड़कों पर उतरकर सवाल न पूछ सकें।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर तीखा हमला
केंद्र सरकार के ‘एक देश, एक चुनाव’ के प्रस्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, सरकार जिस ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का ढिंढोरा पीट रही है, वह सिर्फ एक नारा है। इसके पीछे की असली मंशा ‘वन नेशन, वन पॉलीटिकल पार्टी’ (एक देश, एक पार्टी) बनाने की है। सत्ताधारी दल पूरे देश में एकछत्र राज कायम करने के लिए क्षेत्रीय पार्टियों और लोकतांत्रिक तंत्र को खत्म करना चाहता है। दीपके ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह क्षेत्रीय राजनीतिक दलों (शिवसेना और एनसीपी) में तोड़फोड़ कर राजनीतिक ढांचा बदला गया, वही फॉर्मूला पूरे देश में लागू करने की तैयारी है।10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी
मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद CJP ने अपना आंदोलन और तेज करने का ऐलान किया है। दीपके ने चेतावनी दी है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो CJP के कार्यकर्ता 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे। CJP के इन आरोपों के बाद एक ओर जहां विपक्षी दल (कांग्रेस व अन्य) युवाओं के इन मुद्दों को समर्थन दे रहे हैं, वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी के नेताओं का कहना है कि यह संगठन निष्पक्ष आंदोलन के नाम पर राजनीति से प्रेरित है और देश की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
इंडिया गठबंधन का मार्च
वहीं, इंडिया गठबंधन मंगलवार को भारतीय चुनाव आयोग (ECI) मुख्यालय तक मार्च निकाल रहा है। गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने, एसआईआर पूरी तरह से रद्द करने और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा है। इंडिया गठबंधन के इस मार्च को देखते हुए संसद से लेकर जंतर-मंतर और ईसीआई मुख्यालय तक भारी सुरक्षा बंदोबस्त किया गया है। कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू है। मार्च से पहले विपक्षी नेताओं ने ईसीआई और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोला है। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को भाजपा के लिए काम करने का आरोप लगाया है।






































