ओडिशा में बैतरणी और सालंदी नदियां उफान पर, 6 जिलों में बाढ़ का खतरा गहराया; भद्रक में स्कूल-आंगनवाड़ी बंद, 7.85 लाख आबादी प्रभावित

0

Odisha Flood Situation: ओडिशा में बैतरणी नदी उफान पर, कई जगह खतरे के निशान के पार। 6 जिलों के 7.85 लाख लोग प्रभावित, भद्रक में स्कूल-अंगनावाड़ी केंद्र बंद।

Baitarani River Flood: उत्तरी ओडिशा में बीते कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। बैतरणी, सालंदी, बुढ़ाबलंग और सुवर्णरेखा नदियां उफान पर हैं और कई स्थानों पर खतरे के निशान को पार कर गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा से राज्य के 6 प्रमुख जिलों- जाजपुर, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, केंद्रपाड़ा और क्योंझर के लगभग 7.85 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों गांव और हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है।

बात बैतरणी नदी की करें तो यह एक ऐसा टॉपिक बन गया है, जो गूगल ट्रेंड में शामिल है। बता दें कि नदी अपने खतरे का निशाने सोमवार को ही पार कर चुकी है। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अखुआपाड़ा में बैतरणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान 18.33 मीटर को पार करके 19.25 मीटर तक पहुंच गया है। क्योंझर जिले के पटना में बहती बैतरणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान 311.10 मीटर के मुकाबले 311.22 मीटर दर्ज किया गया है।

वहीं, भद्रक के राजघाट में सालंदी नदी 17 फीट के खतरे के निशान से ऊपर 18.10 फीट पर बह रही है। इसके अलावा भंडारिपोखरी ब्लॉक के सोलमपुर में सड़क पर 2 फीट से अधिक पानी बह रहा है। इसके अलावा अन्नपाल पंचायत के राजा मुकुंदपुर पुल पर पानी आ जाने से संपर्क टूट गया है।मौसम विभाग की ‘रेड अलर्ट’ चेतावनी और राहत कार्य

मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बालासोर, भद्रक, मयूरभंज और क्योंझर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं कटक, पुरी, खोरधा और संबलपुर के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री का दौरा: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने जाजपुर और भद्रक का हवाई व जमीनी दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया।

स्वास्थ्य व पेयजल व्यवस्था: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं और जलजनित बीमारियों को रोकने के लिए वाटर-प्यूरीफाइंग टैबलेट बांटी जा रही हैं। पानी के बढ़ाव को देखते हुए सर्पदंश के इलाज के लिए स्नेक-वेनम भी तैयार रखा गया है।

मछुआरों को चेतावनी: समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के आसपास न जाने की सख्त सलाह दी गई है।मौसम विभाग की ‘रेड अलर्ट’ चेतावनी और राहत कार्य

मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बालासोर, भद्रक, मयूरभंज और क्योंझर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं कटक, पुरी, खोरधा और संबलपुर के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री का दौरा: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने जाजपुर और भद्रक का हवाई व जमीनी दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया।

स्वास्थ्य व पेयजल व्यवस्था: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं और जलजनित बीमारियों को रोकने के लिए वाटर-प्यूरीफाइंग टैबलेट बांटी जा रही हैं। पानी के बढ़ाव को देखते हुए सर्पदंश के इलाज के लिए स्नेक-वेनम भी तैयार रखा गया है।

मछुआरों को चेतावनी: समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के आसपास न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here