कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal: )ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन संबंधी विधेयक को ऐतिहासिक करार देते हुए बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि प्रस्तावित परिसीमन से किसी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा और जिसकी जो ताकत है वो बनी रहेगी। उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ’संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ’परिसीमन विधेयक, 2026’ और ’संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर अपने विचार रखते हुए सदस्यों का आह्वान किया कि वे इन विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित करें
‘ऐतिहासिक निर्णय को लागू करने का समय आ गया’
मेघवाल ने कहा, ‘मुझे गर्व, हर्ष और रोमांच की अनुभूति होती है। आज का दिन संसदीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षर में लिखा जा रहा है।’ उन्होंने 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि आज उस ऐतिहासिक निर्णय को लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने सरकार की सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सरकार के पास नीयत और नीति है और साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रूप में सशक्त नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक को लागू करने से महिलाओं को राजनीतिक न्याय मिलेगा। मेघवाल ने कहा कि लोकसभा में सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने का प्रावधान है और ऐसे में सीटों की संख्या बढ़कर 815 हो जाएगी।
कलाम के सपने को पूरा किया जा रहा-मेघवाल
उन्होंने विपक्षी सदस्यों की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि किसी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा। मंत्री का कहना था, ‘जो ताकत जिस राज्य की है, वो अभी रहेगी।’मेघवाल ने पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल के महिला आरक्षण से संबंधित एक कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कलाम के सपने को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘इस ऐतिहासिक संशोधन के पारित होने से भारत विकसित देश बनेगा










































