गुना। जंगल में शिकार के बाद छोड़े गए तेंदुआ का धड़ मिलने से सनसनी फैल गई थी। इस मामले में वन विभाग की टीम ने चार आरोपित गिरफ्तार किए हैं, जिन्होंने उसके अंगों से दवाई और मवेशियों को बीमारी मुक्त रखने की योजना बनाई थी।
न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की रिमांड पर लिया गया है।
30 जुलाई को वनपरिक्षेत्र गुना उत्तर अंतर्गत अगरा बीट में चीरघाट के जंगल में तेंदुआ के शिकार की घटना का वन विभाग द्वारा राजफाश किया गया है।
वन विभाग की टीम द्वारा जांच, सूचना तंत्र, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण तथा लगातार की गई सर्चिंग के आधार पर शिकार में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से तेंदुआ के अंग बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनकी निशानदेही पर तेंदुआ का सिर, चारों पंजे, खाल तथा अन्य अवशेष बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त घटना में प्रयुक्त एक कुल्हाड़ी एवं एक हंसिया भी जब्त किए गए।
जमीन में गाढ़ दिए थे अंग
घटना के सभी चारों आरोपी म्याना क्षेत्र के भदौरा के पास के हांसली गांव के हैं। घटनास्थल भी हांसली गांव से कुछ ही दूर है। मुखबिर की सूचना पर आरोपित चिन्हित कर पूछताछ की गई। आरोपितों ने तेंदुआ के अंग काट कर जमीन में गाढ़ दिए थे।










































