श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट की बैठक में एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट पर भरोसा किया गया है। इसी आधार पर ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इतना ही नहीं उन्हें अयोध्या से भी बाहर भेजे जाने की जानकारी निकल कर आई है। इस दौरान ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि जो हुआ वह स्वीकार करने योग्य नहीं है। हम सब इससे आहत हैं। इससे राम भक्तों की भावना को ठेस पहंची है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में चंदा चोरी की घटना के बाद हुई इस पहली बैठक में गोविंद देव गिरी ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे का प्रस्ताव रखा था। ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा है कि जनभावना को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। इस दौरान ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा कि मैं इस पूरे वाकये से बहुत आहत हुआ हूं।
26 जून को दिया था इस्तीफा
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले के बाद 26 जून को पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 27 जून को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने इसकी पुष्टि भी की थी। सूत्रों का कहना है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर ट्रस्ट की स्वीकारोक्ति के बाद ये दोनों ही लोग ट्रस्ट की आजीवन सदस्यता से भी पूरी तरह बाहर हो गए हैं।
ट्रस्ट में अभी 11 नियमित सदस्य
ट्रस्ट में अभी 11 नियमित सदस्य हैं, जिनमें अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, वासुदेवानंद सरस्वती, विश्वप्रसन्न तीर्थ, परमानंद गिरि, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, कृष्ण मोहन, दिनेन्द्र दास और के. परासरन शामिल हैं। अब जबकि उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं, तो ऐसे में ट्रस्ट में तीन पद खाली हो गए हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा का निधन हो गया है। इसके अलावा, ट्रस्ट में अभी कोई उपाध्यक्ष भी नहीं है।
ट्रस्ट में उपाध्यक्ष का पद है खाली
सूत्रों ने बताया कि अभी ट्रस्ट में कोई उपाध्यक्ष नहीं है जो अध्यक्ष की अनुपस्थिति में बैठकों की अध्यक्षता कर सके। पदेन सदस्यों में केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लेखंडे, उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, अयोध्या के ज़िलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हैं।
चल रही है चंदा गबन की जांच
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कथित गबन के मामले में दो समानांतर जांच चल रही हैं। जहां एक ओर एसआईटी प्रशासनिक जांच कर रही है और उसका कार्यकाल जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया गया है, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी और पुलिस दोनों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि, ट्रस्ट के इन तीनों पदाधिकारियों में से किसी के भी खिलाफ़ अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।










































