ढाका: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात के बाद दोनों देशों ने तीस्ता परियोजना को लेकर आगे बढ़ने का ऐलान किया है। तीस्ता नदी पर अरबों डॉलर की मदद से बांग्लादेश एक प्रोजेक्ट बनाना चाहता है। बांग्लादेश चाहता है कि इसके जरिए जमीन के क्षरण और बाढ़ को रोका जाए। बांग्लादेश पिछले 15 साल से भारत को यह प्रोजेक्ट देना चाहता था लेकिन दिल्ली के हरी झंडी नहीं मिलने के बाद उसने इसे अब चीन को दे दिया है। तीस्ता प्रोजेक्ट भारत के चिकननेक के ठीक पास है। अब इस प्रोजेक्ट के जरिए चीन भारतीय सीमा के काफी करीब पहुंच जाएगा जो सुरक्षा के लिहाज से खतरे की घंटी है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री और मोहम्मद यूनुस के करीबी खलिलुर रहमान ने कहा है कि बांग्लादेश और चीन दोनों ही देश तीस्ता नदी प्रोजेक्ट के संयुक्त अध्ययन को तेज करने पर सहमत हो गए हैं। खलिलुर रहमान ने कहा, ‘हम दोनों ही पक्ष विशेषज्ञों के जरिए जॉइंट फिजीबिलिटी स्टडी के लिए सहमत हुए हैं। अगर यह अध्ययन प्रोजेक्ट को सही ठहराता है तो चीन इसे क्रियान्वित करने के लिए पर्याप्त मदद मुहैया कराएगा।’








































