जबलपुर। कैसे आकाश में सूराख हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि दुष्यंत कुमार की मशहूर गजल साये में धूप की अमर पंक्तियां को सही कर दिया अधारताल निवासी हिमांशु सोनी ने, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों को पार कर अपनी मंजिल हासिल की।दिव्यांग कोटे में पहली रैंक और सामान्य मेरिट लिस्ट में 13वीं
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC 2024) के परिणामों में हिमांशु ने दिव्यांग कोटे में पहली रैंक और सामान्य मेरिट लिस्ट में 13वीं रैंक प्राप्त कर डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित होकर शहर का नाम रोशन किया था।
दिव्यांगता पर पाई जीत
हिमांशु ने बताया कि दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वे वर्तमान में मप्र राज्य प्रशासनिक सेवा में सहायक संचालक लोक शिक्षक पद पर पदस्थ हैं।
एंबुलेंस से पहुंचे इंटरव्यू
एमपीपीएससी 2024 की मुख्य परीक्षा पहले ही हो चुकी थी, लेकिन 28 अगस्त को इंदौर में इंटरव्यू देना था। गंभीर चोट के बावजूद हिमांशु ने बड़े भाई चैतन्य सागर की मदद से एंबुलेंस से इंदौर पहुंचकर इंटरव्यू दिया था। एंबुलेंस में ही उन्होंने साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की और अंततः डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुए।










































