अंकारा: बांग्लादेश सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां इस समय तुर्की की पांच दिन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। शनिवार से शुरू हुई इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करना, खासतौर से मिलिट्री ट्रेनिंग पार्टनरशिप और सैन्य तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ाना है। पाकिस्तान सेना प्रमुख की तुर्की यात्रा के ठीक बाद उनका यह दौरा हो रहा है। इससे तुर्की-पाकिस्तान-बांग्लादेश के मजबूत होते रक्षा गठजोड़ और रेसेप एर्दोगन की भारत के पड़ोस में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश का पता चलता है। कई एक्सपर्ट इसे पाकिस्तान और तुर्की की हथियार सौदे के बहाने बांग्लादेश को अपने साथ रखने की चाल की तरह भी देख रहे हैं।
ईटी ने मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से बताया है जनरल जमां तुर्की में आर्टिलरी सिस्टम और ड्रोन जैसे स्थानीय मिलिट्री हार्डवेयर के बारे में जानकारी ले रहे हैं। वह देश मिलिट्री टेक्नोलॉजी और स्थानीय प्रोडक्शन के बारे में सीधे जानकारी हासिल करने के लिए तुर्की कई डिफेंस फैसिलिटी का दौरा करेंगे। इस दौरान देशों में कई रक्षा समझौते होने की भी उम्मीद है।










































