वारासिवनी थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत नांदगांव के धोबीटोला में नवजात शिशु की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसके शव को गोबर के गड्ढे में दफ नाने के सनसनीखेज मामले में वारासिवनी पुलिस ने कार्यवाही की है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी जो कि नवजात शिशु का नाना धारासिंह मडावी को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे उक्त अपराध के अंतर्गत वारासिवनी न्यायालय में पेश किया गया।
यह था मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नांदगांव के धोबीटोला में २९ जुलाई २०२६ की रात एक अविवाहित युवती ने नवजात बालक को जन्म दिया। लोक लज्जा के डर से नवजात के गले और मुंह पर कपड़ा बांधकर घर के पीछे गोबर के गड्ढे में दफना दिया गया। गाँव में चर्चा फैलने पर आशा कार्यकर्ता तिरंजा टेंभरे ने ३१ जुलाई २०२६ को डायल ११२ पर सूचना दी। पुलिस व प्रशासनिक टीम नायब तहसीलदार चंदकिशोर ककोडय़िा, एसडीओपी अभिषेक चौधरी की मौजूदगी में १ अगस्त २०२६ की सुबह गड्ढे की खुदाई कर शव बरामद किया गया। नवजात के नाना धारासिंह मडावी उम्र ४० वर्ष ने बच्चे को दफनाया था। मामला उजागर होने पर उसने घबराहट में कीटनाशक पी लिया। अस्पताल में इलाज के बाद पुलिस ने बीएनएसएस की धारा १९४ के तहत मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम व सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करवाया गया।
आरोपी की पहचान और पुलिस कार्यवाही
पुलिस के द्वारा संदेह के आधार पर अविवाहित महिला के पिता से पूछताछ की गई। जहां गहन पूछताछ में लोक.लज्जा और सामाजिक डर के चलते नवजात के गले और मुंह में कपड़ा बांधकर उसकी हत्या कर साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को घर के पीछे गोबर के गड्ढे में गाड़ देने के अपराध में ६ अगस्त को पुलिस के द्वारा आरोपी धारासिंह मडावी पिता सोहनसिंह मडावी ४० वर्ष निवास ग्राम नांदगांव धोबीटोला थाना वारासिवनी उपनिरीक्षक नीता मोहारे के द्वारा गिरफ्तार किया गया। वहीं आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक ३९१/२६ दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा १०३,१, २३८ के तहत हत्या एवं साक्ष्य मिटाने या छुपाने का प्रयास के तहत अपराध दर्ज किया गया। जिसे ७ अगस्त को वारासिवनी न्यायालय में पेश किया गया।










































