मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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कर्मचारियों और शिक्षकों की लंबित मांगो का निराकरण करने की मांग

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ शाखा वारासिवनी के तत्वावधान में संगठन के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ८ सितंबर को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन तथा प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम दो ज्ञापन एसडीएम को सौंप कर कर्मचारियों व शिक्षकों की ज्वलंत और लंबित समस्याओं का निराकरण करने मांग की हैं। ज्ञापन में कर्मचारी संघ ने बताया की सरकार द्वारा समय समय पर की गई घोषणाओं और लंबे समय से चल रही मांगों पर ठोस कार्यवाही नही होने के कारण प्रदेश के शासकीय सेवकों और शिक्षकों में गहरा असंतोष व्याप्त है। इसमें प्रदेश सरकार से प्रदेश में वरिष्ठता के साथ पुरानी पेंशन योजना पुन: बहाल की जाए तथा ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को केंद्र के समान २५ लाख किया जाने, प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान ४ प्रतिशत बकाया महंगाई भत्ता तुरंत प्रदान किया जायें, लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान का लाभ मिले, दैनिक वेतन भोगी, संविदा, स्थायी कर्मियों को रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित किया जाए तथा आउटसोर्सिंग प्रथा को समाप्त कर कर्मचारियों को शासकीय सेवक माना जाए। वहीं दो से अधिक संतान संबंधी बाध्यता नियम को समाप्त किया जाए, पंचायत सचिवों का संविलियन पंचायत विभाग में हो, नवीन नियुक्तियों में २ वर्ष की परिवीक्षा अवधि वाला पूर्ववर्ती नियम लागू किया जाए, स्वास्थ्य, आयुष, कृषि विस्तार अधिकारियों एवं वाहन चालकों की वेतन विसंगतियों व पदोन्नति की समस्याओं का निराकरण किया जाए। प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च श्रेणी शिक्षकों को योग्यता वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जाए। वहीं केंद्र सरकार से नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम तथा एनसीटीई के नियमों के तहत ३१ मार्च २०१५ के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट दी जाए, १० से १५ वर्षों से निरंतर अध्यापन कार्य करा रहे शिक्षकों के अनुभव और प्रशिक्षण को प्राथमिकता देते हुए २०१० से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हित में स्पष्ट एवं संशोधित परिपत्र जारी किया जाने मांग की हैं। चर्चा में विजय दखने ने बताया की मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के आव्हान पर ब्लॉक जिला एवं प्रदेश सभी जगह ज्ञापन दिया गया है। इसी कड़ी में हम सभी अधिकारी कर्मचारी एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए उपस्थित हुए हैं। हमारे द्वारा मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम २३ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया गया है जिसमें अधिकारी कर्मचारी वर्ग में होने वाली समस्याएं वर्णित है। वहीं प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम नई शिक्षा नीति के तहत ज्ञापन दिया हुआ है जिसमें तीन विषय को विस्तृत रख दिया गया है। हमारी मांग है कि शासन के द्वारा उक्त विषय पर गंभीरता से विचार कर अधिकारी कर्मचारी को हो रही समस्याओं का समाधान करें। इस अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सदस्य मौजूद रहे।

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