खरीफ सीजन में किसान हलाकान
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत महाराजपुर में इन दिनों किसान जंगली सुअरों के बढ़ते आतंक से बेहद परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सुअरों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि लोगों को अपने ही खेतों में आवागमन करने में भारी डर और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खेतों और आसपास के इलाकों में झुंड के झुंड घूमते जंगली सूअर देखना अब आम बात हो गई है। जिससे पूरे क्षेत्र में भय का वातावरण निर्मित हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में खरीफ का सीजन अपने चरम पर है और किसान खेती किसानी के कार्यों में दिन रात जुटे हुए हैं। खेतों में धान की रोपाई का कार्य युद्ध स्तर पर चालू है लेकिन जंगली सुअरों की बिन बुलाई मौजूदगी से यह पूरा काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। किसानों के द्वारा बड़ी मेहनत से लगाए गए नए रोपे धान के पौधों को ये सूअर अपने पैरों से रोंदते हुए भाग रहे हैं जिससे किसानों की हफ्तों की मेहनत और पूंजी पल भर में बर्बाद हो रही है। केवल मुख्य खेत ही नहीं बल्कि जंगली सुअरों का यह दल ग्रामीणों के घर के आसपास बनी बाडियों में भी बेधडक़ घुस रहा है। बाडिय़ों में उगाई गई सूरन, घुइयां एवं अन्य कंद वाली फ सलों को सूअर मिट्टी खोदकर पूरी तरह खा रहे हैं और नष्ट कर रहे हैं। इसके साथ ही खेतों के धूरे को तोडक़र ये फ सलों की सिंचाई और सीमांकन व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। सुअरों का आतंक केवल फसलों की तबाही तक सीमित नहीं है बल्कि यह किसानों की जान पर भी बन आया है। खेतों में काम करने के दौरान कई बार जंगली सुअरों ने किसानों पर सीधे हमले की कोशिश भी की है। हालांकि किसानों की सजगता और एकजुटता के कारण वे किसी तरह सुअरों को खदेडऩे और खुद को बचाने में सफ ल हो रहे हैं जिससे अब तक कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है। लेकिन हर वक्त मंडराते इस खतरे के कारण भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से ग्रामीण थर.थर कांप रहे हैं। लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान और जान माल के खतरे को देखते हुए महाराजपुर के पीडि़त किसानों ने शासन प्रशासन एवं संबंधित वन विभाग से गुहार लगाई है,कि खेतों और गांव के सीमावर्ती इलाकों में जंगली सुअरों की रोकथाम के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जायें।
बाइट रामेश्वर गजभिये ग्रामीण










































