नई दिल्ली: क्या आप जानते हैं कि देश के बड़े-बड़े राज्य जितने पैसे हेल्थकेयर पर खर्च नहीं करते, उससे ज्यादा पैसे छोटे-छोटे राज्य करते हैं। जानकारी चौंकाने वाली है, लेकिन बिल्कुल सच है। नेशनल हेल्थ अकाउंट्स 2022-23 के डेटा से पता चलता है कि पूर्वोत्तर राज्य और साथ ही कुछ छोटे राज्य महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे अमीर राज्यों के मुकाबले हेल्थकेयर पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। मणिपुर का स्वास्थ्य खर्च उसकी GSDP के अनुपात में देश में सबसे ज्यादा 5.5% रहा है। इसे जो 2021-22 के 4.6% से बढ़ाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बताया गया है।
छोटे राज्यों ने कितना खर्च किया
- मेघालय ने स्वास्थ्य पर 4.4% खर्च किया।
- नागालैंड का खर्च 3.4% से बढ़कर 3.6% हो गया।
- मिजोरम में हेल्थ सेक्टर पर 3.2% खर्च किया गया।
जानिए बड़े राज्यों का हाल
- सबसे अमीर और बड़े राज्यों ने GSDP का 1% से भी कम खर्च किया।
- कर्नाटक ने 2022-23 में स्वास्थ्य पर 0.7% खर्च किया, जो 2021-22 के 1.1% से कम है।
- महाराष्ट्र का खर्च 1.2% से घटकर 0.8% हो गया।
- तमिलनाडु का खर्च 1.3% से घटकर 0.9% रह गया।
- तेलंगाना ने 2022-23 में 0.8% और पंजाब ने 0.9% खर्च किया।
पुडुचेरी ने खर्च किया 5 फीसदी
जिन केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा है, उनमें पुडुचेरी ने स्वास्थ्य पर खर्च का सबसे ज्यादा हिस्सा 5% हेल्थकेयर पर खर्च हुआ। एक्सपर्ट्स ने बताया कि 2021-22 खर्च के मामले में एक असाधारण साल रहा, क्योंकि उस दौरान कोविड टीकाकरण अभियान, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा खर्च और महामारी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर काफी खर्च हुआ। इस दौरान सभी राज्यों में स्वास्थ्य खर्च का अनुपात तेजी से बढ़ गया। ये आंकड़े ऐसे समय में जारी किए गए हैं, जब राज्यों पर गैर-संक्रामक बीमारियों, बढ़ती उम्र वाली आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत का बोझ बढ़ रहा है।










































