वारासिवनी में फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी पर एसआईटी का कसता शिकंजा

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२२ ट्रक जब्त, २ आरोपी पुलिस रिमांड पर, ५ आरोपी गये जेल

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। गरीबों के हक का फोर्टिफाइड चावल एथेनॉल प्लांटों, बीयर कंपनियों और खुले बाजार में खपाने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस और विशेष जांच दल की कार्यवाही लगातार तेज होती जा रही है। वारासिवनी क्षेत्र से उजागर हुए इस बड़े चावल घोटाले में अब तक कुल २२ ट्रकों को जब्त किया जा चुका है। थाना वारासिवनी में दर्ज अपराध क्रमांक २७२/२६ भारतीय न्याय संहिता की धारा ३१६,३,३३६,३, ३४०,२,३३८ एवं ३/५ के तहत दो नए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

यह आरोपियों को अदालत में किया पेश

पुलिस एवं एसआईटी की संयुक्त टीम ने मामले में हाल ही में गिरफ्तार किए गए दो नए आरोपियों में राजेश पिता लूनकरण संचेती निवासी वारासिवनी संचालक संचेती राइस मिल ,विनोद शर्मा निवासी बालाघाट संचालक हर्ष राइस मिल को पूर्व में गिरफ्तार ५ आरोपियों के साथ न्यायालय वारासिवनी के समक्ष पेश किया। जहाँ से राजेश संचेती और विनोद शर्मा को गहन पूछताछ हेतु २९ जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। वहीं पूर्व में गिरफ्तार ५ आरोपी कुंजबिहारी पटले ३८ वर्ष निवासी नैतरा संचालक बिहारी राइस मिल, सुरेन्द्र राणा ६५ वर्ष निवासी नेवरगांव संचालक शांति राइस मिल, अतुल बिसेन २३ वर्ष निवासी नैतरा राइस मिल मैनेजर, गौरव माहेश्वरी ४५ वर्ष निवासी बालाघाट संचालक विराज राइस मिल, किशनलाल खंडेलवाल ७१ वर्ष निवासी गोंदिया महाराष्ट्र संचालक खंडेलवाल राइस मिल को अदालत ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

यह हैं घोटाले का तरीका, जांच जारी

प्राप्त जानकारी अनुसार जांच में सामने आया है कि एफ सीआई और नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से गरीबों के लिए आवंटित फ ोर्टिफ ाइड राशन को ट्रकों में भरकर एथेनॉल प्लांटों व बीयर कंपनियों को भेजा जाता था। वहां से यह चावल महंगे दामों में खुले बाजार के राइस मिलर्स को बेचा जाता था। राइस मिलर्स इसी चावल को दोबारा सरकारी कस्टम मिलिंग के नाम पर एफ सीआई और नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में जमा कराकर दोहरा मुनाफ ा कमाते थे। अब तक २२ ट्रकों की जब्ती इस बात का प्रमाण है कि घोटाले का दायरा अत्यंत व्यापक है। पुलिस रिमांड अवधि के दौरान मुख्य सरगनाओं बेनामी संपत्तियों और अन्य संलिप्त मिलर्स के बारे में कड़ी पूछताछ कर रही है। इस सिंडिकेट में मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ जिले के कई प्रमुख राइस मिलर्स भी एसआईटी की रडार पर हैं। आने वाले दिनों में और भी वाहनों की जब्ती तथा कई बड़े चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है। एसआईटी ने भारतीय खाद्य निगम और मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन के आधिकारिक रिकॉड्र्स खंगालने शुरू कर दिए हैं। दस्तावेजों की क्रॉस.चेकिंग की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस मिलर ने कितना सरकारी चावल खपाया और इसका लेन देन कहां कहां तक फैला हुआ है।

आवश्यकता के आधार पर आरोपियों की रिमांड लेकर पुछताछ की जा रही है – एसपी

पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि एसआईटी जांच कर रही थी उनके द्वारा काफी वित्तीय लेखा फ ोन रिकॉर्ड की जांच की गई जिसके आधार पर दो गिरफ्तारियां की गई है। इसमें संचेती राइस मिल में संचालक के रूप में काम कर रहे वहां पर २ जून २०२६ को एफसीआई से आने वाले चावल को उन्होंने उतरा था राजेश संचेती उन्हें गिरफ्तार किया हैं। उनके साथ ही हर्ष राइस मिल के संचालक से पूछताछ में जो भी चीज सामने आई है उस आधार पर प्रोपराइटर विनोद शर्मा को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया गया है। इनमें पूर्व में भी गिरफ्तार आरोपी है आवश्यकता के आधार पर रिमांड ली जायेगी।

बाइट आदित्य मिश्रा पुलिस अधीक्षक बालाघाट

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