नई दिल्ली: भारत सरकार ने सिंधु जल संधि से जुड़े मामले में तथाकथित ‘मध्यस्थता कोर्ट’ के फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि 15 मई को इस तथाकथित अदालत ने ‘अधिकतम जल-भंडारण’ से जुड़े मुद्दे पर एक निर्णय जारी किया, जिसे भारत मान्यता नहीं देता।
बता दें कि बीते साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत सिंधु जल संधि को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है। भारत ने साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता, तब तक यह संधि स्थगित रहेगी।










































