Simhastha 2028 Preparations: मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ के सफल संचालन के लिए प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए और सभी विभागों में आवश्यक स्टाफ की तत्काल पूर्ति की जाए। उन्होंने अधोसंरचना कार्यों को तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता और वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने पर भी बल दिया। बैठक में उज्जैन में विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इनमें प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण, सीमेंट कंक्रीट सड़कों का निर्माण, अंडरपास, नए पुल और शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाले मार्गों का उन्नयन शामिल है। इसके अलावा क्षिप्रा नदी के पूर्वी हिस्से में सड़क निर्माण और तीर्थ यात्रियों के लिए अलग पैदल पुल बनाने का निर्णय भी लिया गया।
दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ के लिए बनाए जाने वाले भवन ऐसे हों, जिनका उपयोग मेले के बाद भी अन्य आयोजनों में किया जा सके। उन्होंने शहर के प्रमुख तीर्थ स्थलों तक सुगम आवागमन के लिए सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने और महाकाल लोक से अन्य धार्मिक स्थलों को जोड़ने पर भी जोर दिया। दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन के 100 किलोमीटर के दायरे में होम स्टे, पार्किंग और जनसुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
22 परियोजनाओं को मंजूरी
मंत्रिमंडलीय समिति ने कुल 2,923.84 करोड़ रुपये की लागत वाले 22 परियोजनाओं को मंजूरी दी। इसमें 139.14 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का निर्णय शामिल है। इस केंद्र के जरिए सीसीटीवी, ड्रोन और डेटा एनालिटिक्स की मदद से मेले की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही एआई आधारित भीड़ प्रबंधन और मोबाइल ऐप के जरिए रूट, पार्किंग और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
अगली बैठक उज्जैन में आयोजित करने के निर्देश
इसके अलावा लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से मेला कंट्रोल रूम, मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब, देवास गेट बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन तक स्काईवॉक, सर्किट हाउस और मेला क्षेत्र में स्थायी अधोसंरचना के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई। इन कार्यों में पक्की सड़कें, डिवाइडर, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट, जल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल समेत कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अगली बैठक उज्जैन में आयोजित करने के निर्देश भी दिए।










































