सोना खरीदते समय न खाएं धोखा! ऐसे करें 22K-18k गोल्ड की हॉलमार्क और प्योरिटी चेक

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आज (रविवार, 19 अप्रैल, 2026) है। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार आज का दिन समृद्धि और विकास की के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह शुभ दिन नई शुरुआत, निवेश और सोना खरीदने के लिए आदर्श माना जाता है। इसलिए बहुत सारे लोग आज सोने और चांदी की खरीदारी करते हैं। अगर आप भी अक्षय तृतीया पर सोने के गहने या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं तो सावधानी जरूर बरतें। हम आपको बता रहे हैं कि Akshaya Tritiya पर सोना खरीदते समय किस तरह हॉलमार्क और प्योरिटी चेक करें। साथ ही 22 कैरेट और 18 कैरेट की शुद्धता पहचान कैसे करें? ऐसा कर आप शुद्ध सोना खरीद पाएंगे।

सोना खरीदने से पहले इन 3 मार्क को चेक करें

BIS लोगो: एक छोटा त्रिकोणीय लोगो जो यह बताता है कि ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने इसे सर्टिफाई किया है। यह सोने की शुद्धता का सबसे भरोसेमंद संकेत है। अगर यह आपको गहने पर दिखाई नहीं दें तो उसे बिल्कुल नहीं खरीदें।

शुद्धता और बारीकी: किसी भी गहने पर उसकी शुद्धता कैरेट में लिखी होगी। उदाहरण के लिए, 22K916 – जिसका मतलब है 91.6% सोना, जो पारंपरिक गहनों के लिए एक स्टैंडर्ड है, या 18K750 – जो 75% शुद्धता दिखाता है, और हीरे/पत्थर जड़े गहनों के लिए आम है। सोने के गहने खरीदने से पहले कैरेट जरूर चेक करेंं। कई बार ज्वैलर्स 18 कैरेट के सोने को 22 कैरेट के रेट में बेच देते हैं। इससे खरीदने वालों को भारी नुकसान होता है। इससे बचने के लिए गहने का कैरेट जरूर चेक करें।

HUID: यह 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड, जिसे हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर के नाम से जाना जाता है, एक यूनिक पहचानकर्ता है। उदाहरण के लिए, A1B2C3। 2026 में यह सबसे जरूरी निशान है।

डिजिटल वेरिफिकेशन भी कर सकते हैं—

आप BIS Care App का इस्तेमाल करके, इन आसान स्टेप्स को फॉलो करते हुए सोने की शुद्धता को तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं:

BIS Care App डाउनलोड करें, जो सरकार द्वारा स्पॉन्सर्ड एक ऑफिशियल ऐप है।

“verify HUID” सेक्शन में जाएं और ज्वेलरी पर दिया गया 6-डिजिट का कोड डालें।

ऐप में ज्वेलरी बनाने वाले का रजिस्ट्रेशन नाम, उसे टेस्ट करने वाले Assaying and Hallmarking Centre (AHC) का नाम, हॉलमार्किंग की तारीख और उसकी शुद्धता दिखाई देगी।

जानकारी को टैग से मिलाएं- अगर ऐप में 18K लिखा है, लेकिन ज्वेलरी बनाने वाला उसे 22K बता रहा है, तो आप समझ जाएंगे कि आपके साथ धोखा हो रहा है। वैसे दुकान से तुंरत बाहर निकल लें।

कैरेट मीटर टेस्ट के लिए कहें

ज्यादातर ज्वैलर्स के पास अब एक XRF (एक्स-रे फ्लोरेसेंस) मशीन होती है, जिसे अक्सर कैरेट मीटर कहा जाता है।

यह कैसे काम करता है: यह मेटल की सतह को स्कैन करने के लिए एक्स-रे का इस्तेमाल करता है और एलॉय (सोना, चांदी, तांबा, वगैरह) का सटीक ब्रेकडाउन देता है, बिना पीस को नुकसान पहुंचाए।

अपना अधिकार जानें: जौहरी से कहें कि बिल बनाने से पहले, आपकी मौजूदगी में उस गहने को मशीन से चेक करे। इसमें 30 सेकंड से भी कम समय लगता है।

एक बेसिक टेस्ट करें

शुद्ध सोना नॉन-मैग्नेटिक होता है। इसलिए, अगर आपकी ज्वेलरी किसी मजबूत मैग्नेट की तरफ खिंचती है, तो उसमें शायद दूसरे मेटल्स, जैसे कि लोहा, निकेल या कोबाल्ट की काफी मात्रा मिली हुई है।

एक डिटेल्ड टैक्स इनवॉइस की मांग करें

सोने की खरीद को एक सही बिल से बेहतर कोई चीज ऑथेंटिकेट नहीं करती।

यह पक्का करने के लिए कि आपको अपने पैसे की पूरी कीमत मिल रही है, यह सुनिश्चित करें कि आपके इनवॉइस में ये डिटेल्स शामिल हों:

  • हर आइटम का HUID नंबर।
  • शुद्धता (कैरेट) और वजन (ग्राम में)।
  • उस दिन सोने का मौजूदा रेट।
  • मेकिंग चार्ज और टैक्स (GST) का साफ-साफ ब्रेकडाउन।

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