१९ अप्रैल को लालबर्रा में गुंजेगी शहनाई, जनपद कार्यालय से निकलेगी बारात

0

पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के अंतर्गत आगामी १९ अप्रैल को जनपद पंचायत लालबर्रा द्वारा भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर सोमवार को जनपद पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में सामान्य प्रशासन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में जनपद उपाध्यक्ष किशोर पालीवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदरसिंह मंडलोई सहित विभिन्न सभापति, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। जिसमें बताया गया कि शासन द्वारा इस वर्ष २०० जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन उत्साहजनक प्रतिक्रिया के चलते साढे तीन सौ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों की संख्या लक्ष्य से अधिक होने के कारण समिति ने निर्णय लिया है कि चयन प्रक्रिया में सबसे पहले लालबर्रा विकासखंड की बेटियों को प्राथमिकता दी जायेगी और लक्ष्य के अनुसार लालबर्रा विकासखण्ड की बेटियों की संख्या कम होने पर दुसरे विकासखण्ड की बेटियों को शामिल कर उन्हे योजना का लाभ दिलवाया जायेगा।

जनपद से निकलेगी बारात, कॉलेज परिसर में होगा आयोजन

आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमेंशासन की महत्वकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत १९ अप्रैल को लालबर्रा जनपद में होने वाली सामूहिक विवाह की तैयारी, किस स्थान से बारात निकलेगी सहित अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही इस योजना का लाभ लेने के लिए कितने आवेदन जमा हुए है उसकी जानकारी ली गई। जिसमें सामूहिक विवाह में विवाह करने के लिए विभिन्न विकासखण्डों से साढ़े तीन सौं से अधिक आवेदन जमा हुए है। जिसमें सिर्फ २०० जोड़ों का ही विवाह होना है ऐसी स्थिति में सबसे पहले लालबर्रा विकासखण्ड की बेटियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। वहीं १९ अप्रैल को जनपद पंचायत कार्यालय से गाजे-बाजे के साथ बारात निकलेगी एवं विवाह के सभी मांगलिक संस्कार शासकीय महाविद्यालय परिसर में संपन्न करवाये जायेगें। बैठक में कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की गई है और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये। वहीं बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखते हुए इस बात पर जोर दिया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलना चाहिए जो इसके वास्तविक पात्र हैं। उन्होंने शासन के नियमानुसार पूरी पारदर्शिता के साथ विवाह संपन्न करवाने और हितग्राहियों को लाभान्वित करने की बात कही। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर इस सामूहिक विवाह को एक उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी जोरों पर है, ताकि निर्धन परिवारों की बेटियों का विवाह गरिमामय तरीके से संपन्न हो सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here