नक्सल मुक्त बालाघाट में असाक्षरता की चुनौती बरकरार
नक्सल मुक्त बालाघाट में अब भी 47 हजार लोग अनपढ़!
2011 की जनगणना से बढ़कर 1.72 लाख हुआ असाक्षरों का आंकड़ा
अभियान में 1.25 लाख से अधिक पास, मार्च 2027 तक बचे लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य
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पदमेश न्यूज़।बालाघाट।शिक्षा केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं,बल्कि व्यक्ति को अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और अवसरों से जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है। इसी संदेश के साथ आज 7 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाएगा। बात अगर जिले की करे तो बालाघाट जिले में भी साक्षरता को लेकर अभियान जारी है, लेकिन सरकारी आंकड़े बताते हैं कि जिले में अभी भी 47 हजार 292 लोग बुनियादी शिक्षा से वंचित हैं।जानकारी के अनुसार 15 से 75 वर्ष आयु वर्ग के असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 1 लाख 25 हजार 871 लोगों को साक्षरता परीक्षा में सफल कराया जा चुका है। अब शिक्षा विभाग का लक्ष्य मार्च 2027 तक शेष लोगों को भी बुनियादी शिक्षा से जोड़ना है।
आंकड़े बताते हैं चुनौती कितनी बड़ी
वर्ष 2011 की जनगणना में जिले में 1,57,080 लोग असाक्षर चिन्हित किए गए थे। बाद के सर्वे में यह संख्या बढ़कर 1,72,163 हो गई। हालांकि अभियान के बाद अब तक करीब 73 प्रतिशत लोगों को साक्षरता परीक्षा में सफल कराया जा चुका है।वही नए सर्वे के अनुसार 47,292 लोग अभी भी अभियान में शामिल किए जाने बाकी हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर जिले के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है।
विद्यार्थी बनेंगे बड़ों के ‘अक्षर साथी’
साक्षरता अभियान को गति देने के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ‘अक्षर साथी’ बनाया गया है। विद्यार्थी अपने आसपास रहने वाले असाक्षरों को पढ़ाने में सहयोग करेंगे। इसके लिए उन्हें 20 अंक का प्रोजेक्ट वर्क भी दिया गया है।
इसके अलावा एनसीसी, एनएसएस, आजीविका मिशन की दीदियों तथा डीएड-बीएड प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों को भी अभियान से जोड़ा गया है।
परीक्षा पास करने पर मिलेगा प्रमाण पत्र
अभियान के तहत पढ़ाए जा रहे लोगों की सितंबर 2026 और मार्च 2027 में परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल होने वाले लोगों को साक्षरता का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रमाण पत्र पर पंचायत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी होंगे।
लक्ष्य सिर्फ आंकड़ा घटाना नहीं, जीवन बदलना
बताया गया कि साक्षरता अभियान का वास्तविक उद्देश्य केवल सरकारी आंकड़ों में असाक्षरों की संख्या कम करना नहीं है। बुनियादी शिक्षा मिलने के बाद व्यक्ति बैंकिंग, स्वास्थ्य, सरकारी योजनाओं, दस्तावेजों और अपने अधिकारों से जुड़ी जानकारी को बेहतर ढंग से समझ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर बालाघाट के सामने लक्ष्य स्पष्ट है—47 हजार 292 लोगों तक अक्षर ज्ञान पहुंचाना और मार्च 2027 तक असाक्षरता के इस आंकड़े को शून्य के करीब लाना है।
जल्द ही लक्ष्य को हासिल कर लेंगे- बर्मन
जिला शिक्षा केंद्र डीपीसी श्री बर्मन ने बताया कि शासन से जो लक्ष्य हमें प्राप्त हुआ है उसे लक्ष्य की प्रतिपूर्ति के लिए टीम तैयार कर दी गई है।सर्वे के आधार पर लोग चिन्हित कर लिए गए हैं जल्द ही उन्हें साक्षर करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हमें उम्मीद है कि समय सीमा के भीतर ही हम अपने लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।










































