Sheikh Hamad Bin Khalifa Al Thani Passes Away: कतर को दुनिया के नक्शे पर एक बेहद समृद्ध और शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने वाले वहां के पूर्व अमीर (शासक) शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन हो गया है। वह 74 वर्ष के थे। कतर के शाही दरबार ‘अमीरी दीवान’ (Amiri Diwan) ने आधिकारिक बयान जारी कर रविवार सुबह उनके निधन की जानकारी दी। शेख हमद को आधुनिक कतर का ‘आर्किटेक्ट’ (शिल्पकार) माना जाता है, जिन्होंने अपने 18 साल के शासनकाल में एक छोटे से खाड़ी देश को दुनिया का सबसे अमीर और कूटनीतिक रूप से प्रभावशाली राष्ट्र बना दिया।
पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कतर के पूर्व शासक शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर रविवार को शोक व्यक्त किया और उन्हें ऐसा दूरदर्शी नेता बताया जिन्होंने खाड़ी देश को विकास और समृद्धि की नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मोदी ने कहा कि भारत उन्हें एक ’’सच्चे मित्र’’ के रूप में याद करता है। सरकारी मीडिया के अनुसार, कतर के पूर्व शासक का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ’’हम कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन से बेहद दुखी हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि की नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया। हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं। मुझे फरवरी 2024 में कतर की अपनी पिछली यात्रा के दौरान उनसे मिलने का सौभाग्य मिला था।’’
प्रधानमंत्री ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर के लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, ’’दिवंगत आत्मा को शाश्वत शांति मिले।’’
शेख हमद ने कतर के शासक के रूप में फारस की खाड़ी के इस देश को कूटनीति, मीडिया और निवेश के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली बनाया और बाद में अपने बेटे को सत्ता सौंप दी।
शेख हमद ने 18 वर्ष तक अमीर रहने के बाद जून 2013 में पद छोड़ दिया था।
तख्तापलट से संभाली थी सत्ता, कतर को बनाया ‘गैस सुपरपावर’
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने जून 1995 में अपने पिता से एक रक्तहीन महल तख्तापलट के जरिए सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ली थी।
- आर्थिक क्रांति: उनके सत्ता संभालने के बाद कतर ने अपने विशाल प्राकृतिक गैस भंडारों का रिकॉर्ड तेजी से दोहन शुरू किया। इसके दम पर कतर प्रति व्यक्ति आय के मामले में दुनिया का सबसे अमीर देश बन गया।
- वैश्विक निवेश: उन्होंने ‘कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी’ की स्थापना की, जिसने दुनिया भर के बड़े ब्रांड्स, रियल एस्टेट और वित्तीय संस्थानों में अरबों डॉलर का निवेश कर कतर की आर्थिक ताकत को मजबूत किया।
शेख हमद का विजन सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह कतर को वैश्विक राजनीति और मीडिया का केंद्र बनाना चाहते थे। उन्होंने 1996 में ‘अल जजीरा’ (Al Jazeera) न्यूज नेटवर्क की स्थापना की, जिसने देखते ही देखते मिडिल ईस्ट और वैश्विक मीडिया की राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया। कतर को साल 2010 में फीफा विश्व कप (FIFA World Cup 2022) की मेजबानी का जो अधिकार मिला था, उसकी पूरी रूपरेखा और कूटनीति शेख हमद के कार्यकाल में ही तैयार की गई थी।
बेटे को सत्ता सौंपकर तोड़ी थी खाड़ी की परंपरा
साल 2013 में शेख हमद ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाकर दुनिया को चौंका दिया था। खाड़ी देशों के पारंपरिक राजाओं के उलट, उन्होंने स्वेच्छा से (अपनी मर्जी से) गद्दी छोड़ दी और सत्ता अपने 33 वर्षीय बेटे और कतर के मौजूदा अमीर शेख तमीम बिन घलीफा अल थानी को सौंप दी। कतर में उन्हें आदर से ‘फादर अमीर’ (Father Emir) कहा जाता था। शेख हमद के निधन पर खाड़ी देशों सहित दुनिया भर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सहित कई वैश्विक नेताओं ने मौजूदा अमीर शेख तमीम और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उनका अंतिम संस्कार रविवार को देर शाम की नमाज के बाद किया जाएगा।










































