क्या आपके नाम या पैन कार्ड (PAN Card) का गलत इस्तेमाल करके किसी ने फर्जी कंपनी बना ली है? जानिए कैसे यह फ्रॉड आपके वित्तीय रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा सकता है और इनकम टैक्स पोर्टल से इसे चेक करने की आसान प्रक्रिया।पैन कार्ड (PAN Card) भारत में किसी भी व्यक्ति का सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय पहचान पत्र होता है। बैंक अकाउंट खुलवाना हो, शेयर बाजार में निवेश करना हो, लोन लेना हो या आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना हो हर जगह पैन कार्ड की आवश्यकता होती है। हालांकि, आज के डिजिटल युग में पैन कार्ड से जुड़े फ्रॉड के मामलों में काफी तेजी आई है। साइबर ठग और शेल कंपनियां लोगों की अनजाने में लीक हुई पैन जानकारियों का गलत इस्तेमाल करके उनके नाम पर फर्जी कंपनियां (Fake/Shell Companies) पंजीकृत करवा लेती हैं या गैर-कानूनी वित्तीय लेन-देन करने लगती हैं।
पैन कार्ड से कैसे होती है टैक्स चोरी?
पैन कार्ड के इस तरह के दुरुपयोग से सबसे बड़ा झटका आयकर विभाग (Income Tax Department) के नोटिस के रूप में लगता है। जब फर्जी कंपनियां आपके पैन कार्ड के जरिए करोड़ों का लेन-देन या टैक्स चोरी करती हैं, तो आयकर विभाग का सिस्टम इसे आपके पैन खाते में दर्ज कर लेता है। नतीजतन, भले ही आपको इस बात की भनक तक न हो, लेकिन टैक्स की भारी-भरकम देनदारी आपके सिर पर आ जाती है। इसके अलावा, गलत कमर्शियल लेन-देन दर्ज होने से आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है और आपका टैक्स रिफंड भी अटकाया जा सकता है।
सौभाग्य से, आयकर विभाग ने करदाताओं को यह सुविधा दी है कि वे घर बैठे ऑनलाइन चेक कर सकें कि उनके पैन कार्ड से कौन-कौन से वित्तीय लेन-देन जुड़े हुए हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (e-Filing Portal) पर जाकर अपने पैन और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा। लॉगिन करने के बाद ‘Services’ सेक्शन में जाकर Annual Information Statement (AIS) और Taxpayer Information Summary (TIS) पर क्लिक करें।यहां चेक करें अपना पूरा रिकॉर्ड
AIS पोर्टल पर आपके पैन से जुड़े पूरे वित्तीय वर्ष के हर छोटे-बड़े लेन-देन का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध होता है। इसमें शेयर ट्रेडिंग, बैंक जमा, म्यूचुअल फंड, जीएसटी रजिस्ट्रेशन और किसी कंपनी से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों की जानकारी दर्ज होती है। यदि AIS या TIS में आपको कोई ऐसा लेन-देन या कंपनी का नाम दिखता है जिससे आपका कोई संबंध नहीं है, तो आप वहीं पोर्टल पर सीधे ‘Feedback’ ऑप्शन का इस्तेमाल करके उस लेन-देन पर आपत्ति (Dispute) दर्ज करा सकते हैं।
अपनी वित्तीय सुरक्षा के लिए साल में कम से कम दो बार अपने AIS और Form 26AS की जांच जरूर करें। किसी भी अनजान व्यक्ति, अनधिकृत ऑनलाइन वेबसाइट या एजेंट के साथ अपने पैन कार्ड की कॉपी बिना वजह साझा न करें। यदि आपको लगता है कि आपके पैन का इस्तेमाल करके कोई फर्जी फर्म बनाई गई है, तो तुरंत आयकर विभाग के पोर्टल पर फीडबैक दर्ज करने के साथ-साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (Cyber Crime Portal) पर भी शिकायत दर्ज करवाएं।










































