Indore News: इंदौर में सीएम विजय के फाउंडेशन के नाम पर बड़ी ठगी चल रही है। प्रोसेसिंग फी के नाम पर उनलोगों के साथ ठगी हुई है। ऐसे करीब आधा दर्जन शिकायतें क्राइम ब्रांच के पास पहुंची हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।इंदौर: तमिलनाडु सीएम विजय के नाम पर इंदौर में ठगी हो रही है। सीएम विजय के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को आर्थिक मदद, लोन और सब्सिडी दिलाने का झांसा दे रहे हैं। ठग खुद को विजय थलपति फाउंडेशन या मुख्यमंत्री के फाउंडेशन से जुड़ा बताकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। इसके बाद गरीबों की मदद, बिजनेस शुरू करने, स्टार्टअप के लिए पैसा देने और पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दिलाने जैसी बातें कही जा रही हैं।इंदौर क्राइम ब्रांच को आधा दर्जन शिकायतें मिलीं
इस मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच और साइबर सेल तक करीब आधा दर्जन शिकायतें पहुंच चुकी हैं। शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और दूसरे डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटा रही है, जिनका इस्तेमाल लोगों से संपर्क करने के लिए किया गया है।
फोन कॉल और मैसेज भेजकर करते हैं संपर्क
ठग सबसे पहले फोन या मैसेज के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। बातचीत के दौरान उन्हें बताया जाता है कि फाउंडेशन की ओर से जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद की जा रही है। किसी को सब्सिडी देने की बात कही जाती है तो किसी को कम ब्याज पर लोन या बिजनेस शुरू करने के लिए रकम देने का भरोसा दिया जाता है।
कराते हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
लोगों को भरोसे में लेने के बाद उनसे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा जाता है। इसके लिए मोबाइल पर एक लिंक भेजा जाता है। लिंक खोलकर फॉर्म भरने और अपनी जानकारी देने के बाद ठगी का अगला चरण शुरू होता है।
प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मांगते हैं पैसे
रजिस्ट्रेशन के बाद ठग अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगना शुरू कर देते हैं। कभी वेरिफिकेशन फीस तो कभी प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम जमा कराने को कहा जाता है। कई मामलों में GST और दूसरे चार्ज का हवाला भी दिया जाता है। शुरुआत में रकम कम बताई जाती है लेकिन प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ नए-नए शुल्क जोड़कर ज्यादा पैसे जमा कराने का दबाव बनाया जाता है।










































