पेट्रोल और डीजल के बाद अब इंटरनेट , व्हाट्सऐप चैट्स, अमेजन डिलीवरी और स्ट्रीमिंग भी खतरे में है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ रहे तनावों के कारण ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल मार्गों का इस्तेमाल करने के लिए अपनी बात मनवाने के बाद अब ईरान एक और जरूरी ग्लोबल नेटवर्क को निशाना बना सकता है। ईरान का टार्गेट अब समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबल है, जिनके जरिए इंस्टाग्राम रील्स, व्हाट्सऐप चैट गूगल सर्च, अमेजन डिलीवरी और Netflix स्ट्रीम तक सब कुछ चलता है। CNN और ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य के नीचे से गुजरने वाले समुद्र के नीचे बिछीं केबलों पर ईरान फीस लगाने की तैयारी कर रहा है। इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी पर काफी असर पड़ सकता है।
इंटरनेट केबलों पर फीस लगेगी
ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने X पर लिखा कि वे इंटरनेट केबलों पर फीस लगाएंगे। इसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े सरकारी मीडिया ने बताया कि समुद्र के नीचे के केबलों के ऑपरेटरों को ईरान के कानूनों का पालन करना होगा और लाइसेंस शुल्क भी देना होगा।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन केबलों की मरम्मत और रखरखाव का काम सिर्फ ईरानी कंपनियों तक ही सीमित किया जा सकता है।
बड़ी टेक कंपनियों पर दिखेगा असर
इसका असर गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों पर पड़ सकता है। इनकी सेवाएं काफी हद तक समुद्र के नीचे बिछे केबल नेटवर्क पर निर्भर करती हैं। दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया भर में तेल परिवहन के सबसे अहम मार्गों में से एक के तौर पर जाना जाता है। लेकिन यह यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व को जोड़ने वाला एक बड़ा डिजिटल गलियारा भी है।













































