खेलो इंडिया की सविंदा प्रशिक्षिका आशु चौधरी पर गंभीर आरोप, कलेक्टर से शिकायतबालाघाट में कोच, तो कटनी के शासकीय स्कूल में अतिथि पीटीआई के रूप में सेवा देने का दावाजिला क्रीड़ा अधिकारी बोले, शिकायत मिली तो होंगी वैधानिक कार्यवाहीफोटोपदमेश न्यूज़। बालाघाट।खेल विभाग में पदस्थ खेलो इंडिया की महिला प्रशिक्षिका आशु चौधरी को लेकर सामने आई एक शिकायत ने विभागीय व्यवस्था और नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बालाघाट कलेक्टर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आशु चौधरी पिछले करीब दो वर्षों से बालाघाट खेल विभाग में खेलो इंडिया कोच के रूप में सेवाएं दे रही हैं, जबकि इसी अवधि में वह कटनी जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल खदौला में पीटीआई (व्यायाम शिक्षक) के रूप में भी पदस्थ हैं।
शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए स्कूल का डाइस कोड 23380210106 भी शिकायत में दर्ज कराया है।शिकायत में कहा गया है कि दोनों संस्थानों में अवकाश के लिए दिए गए आवेदनों से एक ही अवधि में अलग-अलग जिलों में सेवाएं दिए जाने की जानकारी सामने आई है।हालांकि पदमेश न्यूज़ और बालाघाट एक्सप्रेस अखबार इसकी पुष्ठी नहीं करता।उधर इस पूरे मामले को लेकर फिलहाल आशु चौधरी से संपर्क नहीं हो सका है लेकिन जिला खेल अधिकारी ने इस मामले की शिकायत मिलने पर वैधानिक कार्यवाही किए जाने की बात कही है।
एक साथ दो शासकीय जिम्मेदारियां कैसे?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो एक ही अवधि में दो अलग-अलग जिलों के शासकीय संस्थानों में सेवाएं किस आधार पर दी गईं? क्या आशु चौधरी ने बालाघाट और कटनी के संबंधित विभागों को अपनी दूसरी शासकीय सेवा की जानकारी दी थी? यदि जानकारी दी गई थी तो उन्हें दूसरी नियुक्ति अथवा सेवा की अनुमति किस आधार पर मिली? और यदि जानकारी नहीं दी गई थी तो क्या इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी,या फिर कार्यवाही कब तक होंगी यह बड़ा सवाल शिकायतकर्ता द्वारा उठाया गया है।
अवसर से वंचित होने का भी उठाया मुद्दा
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि यदि कोई व्यक्ति एक ही समय में दो शासकीय दायित्व निभा रहा है, तो संबंधित पदों के लिए पात्र अन्य अभ्यर्थियों और प्रशिक्षकों के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। शिकायत में इसे पात्र लोगों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल शिकायत के आधार पर लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच का विषय है।शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। अब निगाहें खेल विभाग और संबंधित अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आशु चौधरी ने वास्तव में एक ही अवधि में दोनों जिलों में शासकीय सेवाएं दीं या नहीं ।या फिर दोनों सेवाओं के बीच नियमों के अनुरूप अनुमति अथवा अन्य वैधानिक व्यवस्था मौजूद थी।
नाम और पहचान उजागर न करने की शर्त पर दी जानकारी
हालांकि इस शिकायत को लेकर शिकायतकर्ता ने अपना नाम और पहचान उजागर न करने की शर्त रखी थी। जिसके चलते शिकायतकर्ता द्वारा उक्त जानकारी दी गई है। अब देखना या दिलचस्प रहेगा कि शिकायतकर्ता की शिकायत में आखिर कितनी सच्चाई है और यदि शिकायतकर्ता की शिकायत सच पाई जाती है तो संबोधित पर कितने दिनों में कौन सी वैधानिक कार्यवाही जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा की जाती है।
हमारे पास अभी शिकायत नहीं आई, यदि शिकायत आती है तो वैधानिक कार्यवाही की जाएगी- बारेसा
शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर कार्यालय में की गई इस शिकायत को लेकर जब हमने जिला खेल अधिकारी राहुल बरेसा से चर्चा की तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है।यदि शिकायत की गई है और यदि यह शिकायत उनके पास आती है तो वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एक ही व्यक्ति दो अलग-अलग जिलों में या दो अलग-अलग जगह पर इस तरह की सेवा नहीं दे सकता।इसका उल्लेख एग्रीमेंट में भी रहता है।
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