एन चंद्रशेखरन के बाद कौन होगा TATA का बॉस? उत्तराधिकारी की तलाश तेज, इन नामों की चर्चा

0

Tata Sons Next Chairman: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही नए चेयरमैन की खोज के लिए एक सिलेक्शन पैनल के गठन की तैयारी शुरू हो गई है। जानिए किनके नामों की चर्चा चल रही है।Tata Sons Next Chairman : भारत के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में से एक ‘टाटा ग्रुप’ में एक बार फिर बड़े नेतृत्व परिवर्तन की आहट सुनाई दे रही है। टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है। उन्होंने फैसला किया है कि वह इस पद पर दोबारा सेवा नहीं देंगे। इस फैसले के बाद टाटा समूह ने नए चेयरमैन की खोज शुरू कर दी है। सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि टाटा संस का अगला चेयरमैन कौन बन सकता है। अगर आंतरिक उम्मीदवारों की बात करें, युवा लीडर्स में जगुआर लैंड रोवर (JLR) के सीईओ पी. बी. बालाजी (उम्र 56 वर्ष) और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के एमडी व सीईओ शैलेश चंद्रा (उम्र 53 वर्ष) का नाम सबसे आगे है। वहीं 3 से 5 साल का कार्यकाल बचा रखने वाले अधिक अनुभवी अधिकारियों में टाटा स्टील के एमडी और सीईओ टी. वी. नरेंद्रन (उम्र 61 वर्ष) मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

ईटी नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक सिलेक्शन पैनल नए चेयरमैन का चुनाव करते समय कुछ खास योग्यताओं पर ध्यान देगा। भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूह को चलाने के लिए मजबूत एक्जीक्यूशन स्किल्स, पूंजी-गहन उद्योगों को घाटे से उबारने की रणनीति, और लिथियम-आयन बैटरी, सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे भविष्य के नए व्यवसायों को आगे ले जाने की दूरदर्शी विजन नए बॉस के चयन में निर्णायक भूमिका निभाएगी। टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के नियमों के अनुसार, इस कमेटी में कुल 5 सदस्य होते हैं। इनमें से तीन सदस्य सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से चुने जाते सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी नोएल टाटा इस सिलेक्शन पैनल की अगुवाई कर सकते हैं। दोराबजी टाटा ट्रस्ट की तरफ से पैनल में अन्य दो सदस्य डैरियस खंबाटा और भास्कर भट हो सकते हैं। हालांकि, चैरिटी कमिश्नर के आदेश के कारण सर रतन टाटा ट्रस्ट वर्तमान में कोई बड़ा फैसला नहीं लेगा, इसलिए वह अभी इस प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते। वहीं टाटा संस बोर्ड की ओर से एनआरसी (NRC) के चेयरमैन हरीश मनवानी को कमेटी में शामिल किया जा सकता है, जिनके साथ एक बाहरी विशेषज्ञ भी सदस्य रहेगा। टाटा समूह के इतिहास पर नजर डालें तो इससे पहले 2016 में बने सिलेक्शन पैनल ने चंद्रशेखरन को चेयरमैन चुना था। उस कमेटी में रतन टाटा, वेणु श्रीनिवासन, अमित चंद्रा, पूर्व राजनयिक रोनेन सेन और लॉर्ड भट्टाचार्य शामिल थे। उससे भी पीछे 2010 में सायरस मिस्त्री को चेयरमैन चुनने वाली कमेटी में एन. ए. सूनावाला, शिरीन भरूचा, आर. के. कृष्णकुमार, सायरस मिस्त्री और लॉर्ड भट्टाचार्य थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here