ओवरब्रिज निर्माण में मुआवजे को लेकर वार्डवासियों का विरोध,नियम अनुसार मुआवजा देने की मांग, कलेक्टर-एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

0

शहर के वार्ड क्रमांक 10 और 11, भटेरा रोड के निवासियों ने ओवरब्रिज निर्माण के लिए हुए मकान, दुकान एवं भूमि अधिग्रहण में मिल रहे मुआवजे को लेकर असंतोष जताया है। वार्डवासियों ने नियमों के अनुरूप मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।भटेरा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज को लेकर लगातार विवाद और आपत्तियां सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें भूमि अधिग्रहण के बदले उचित और समान मुआवजा नहीं मिल रहा है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है।

वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी इस संबंध में बालाघाट विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी के चलते 15 अप्रैल को एक बार फिर बड़ी संख्या में नागरिक कलेक्टर और एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान वार्डवासी रशीद अहमद और श्री भोंडेकर ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के नियमों के अनुसार निर्धारित समयावधि में मुआवजा मिल जाना चाहिए, लेकिन अब तक उन्हें पूर्ण भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही, उन्हें मिले दस्तावेजों और निर्देशों में भी कई विसंगतियां पाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड क्रमांक 10 और 11 के बीच मुआवजे में असमानता बरती जा रही है। एक क्षेत्र के लोगों को अधिक मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि दूसरे क्षेत्र के लोगों को कम राशि मिल रही है, जो पूरी तरह अनुचित है। उनका कहना है कि यदि क्षेत्र व्यावसायिक है, तो सभी को एक समान मुआवजा मिलना चाहिए। वार्डवासियों ने यह भी कहा कि शहरी क्षेत्रों में नियम के तहत दो गुना मुआवजा दिया जाता है, लेकिन यहां इस प्रावधान का भी पालन नहीं किया जा रहा है। रशीद अहमद ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता, तो वे सभी प्रभावित लोगों के साथ उच्च न्यायालय की शरण लेंगे और न्यायोचित मुआवजे के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके मकान और दुकान टूटते हैं, तो कई परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा और उन्हें किराए के मकानों में रहना पड़ेगा। बावजूद इसके प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। वार्डवासियों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप कर नियमों के अनुसार उचित मुआवजा सुनिश्चित करे, ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here