तेहरान: ईरान के कतर और पाकिस्तान को तगड़ा झटका देते हुए उनकी मध्यस्थता पर पानी फेर दिया है। ईरान ने कहा है कि वह वह चार-पक्षीय फॉर्मेट में शामिल नहीं होगा। इस फॉर्मेट में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता में पाकिस्तान और कतर भी शामिल होना चाहते थे। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका को अपने वादे पूरे करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ईरान ने जल्द से जल्द तेल निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंध खत्म करने, फ्रीज संपत्तियों की वापसी जैसे मुद्दों को हल करने पर जोर दिया है।
लेबनान में युद्धविराम पर अड़ा ईरान
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों के बाद तेहरान ने चार-पक्षीय फॉर्मेट को आगे न बढ़ाने का फैसला किया। ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, बगाई ने कहा कि रविवार सुबह बातचीत शुरू हुई और इसमें संभावित अंतिम समझौते से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, “लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त होना चाहिए।” बगाई ने कहा कि वार्ताकारों ने ईरानी तेल की बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस और जमे हुए ईरानी परिसंपत्तियों की रिहाई पर चर्चा की।










































