‘कर्म का अपना प्लेऑफ होता है…’ राजस्थान रॉयल्स की हार पर खुश हुए राज कुंद्रा! जानिए पूरा विवाद

0

अहमदाबाद: आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मैच में शुक्रवार को गुजरात टाइटंस के हाथों राजस्थान रॉयल्स की हार के बाद मैदान के बाहर एक नया बवंडर खड़ा हो गया है। इस मैच में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 96 रनों की तूफानी पारी खेलकर राजस्थान को 214 रनों के बड़े स्कोर तक पहुंचाया था। लेकिन गुजरात के कप्तान शुभमन गिल की शानदार बल्लेबाजी के आगे यह स्कोर छोटा पड़ गया और गुजरात ने 7 विकेट से मैच जीतकर राजस्थान को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस करारी हार के तुरंत बाद राजस्थान रॉयल्स के पूर्व सह-मालिक राज कुंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ऐसा पोस्ट डाला, जिसने क्रिकेट फैंस और पूरे खेल जगत को हैरान कर दिया है।

राज कुंद्रा का वो पोस्ट जिसने सबको चौंकाया

राजस्थान रॉयल्स के मैच हारते ही राज कुंद्रा ने एक्स पर लिखा कि कुछ हार अंक तालिका से कहीं बड़ी होती हैं और कर्म का अपना खुद का प्लेऑफ होता है। राज कुंद्रा के इस बयान को सीधे तौर पर राजस्थान रॉयल्स के मौजूदा मालिकों और हाल ही में हुई टीम की खरीद-बिक्री की बड़ी डील पर एक तीखे तंज के रूप में देखा जा रहा है। इस पोस्ट के सामने आते ही क्रिकेट प्रेमियों के बीच पुराना स्पॉट फिक्सिंग विवाद और टीम के मालिकाना हक को लेकर चल रही कानूनी जंग फिर से चर्चा में आ गई है।स्पॉट फिक्सिंग कांड से शुरू हुआ था राज कुंद्रा और राजस्थान टीम का झगड़ा

शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा साल 2009 में राजस्थान रॉयल्स टीम के हिस्सेदार बने थे। लेकिन साल 2013 में जब आईपीएल का बदनाम स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी का मामला सामने आया, तो राज कुंद्रा का नाम इसमें उछला और टीम की किस्मत बदल गई। इसके बाद साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी ने राज कुंद्रा पर क्रिकेट से जुड़ी हर गतिविधि में शामिल होने पर हमेशा के लिए पाबंदी लगा दी थी। इस बड़े विवाद की वजह से राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी को टीम के सभी पदों से हटना पड़ा था और खुद राजस्थान रॉयल्स की टीम पर भी दो साल का बैन लगा दिया गया था।

हजारों करोड़ की नई डील और राज कुंद्रा की कानूनी आपत्ति

दरअसल, राज कुंद्रा की इस नाराजगी की असली वजह राजस्थान रॉयल्स टीम का नए हाथों में जाना है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स को लक्ष्मी मित्तल के ग्रुप ने करीब 1.65 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 13,700 करोड़ रुपये) की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा है। इस सौदे के बाद अब मित्तल परिवार के पास टीम की 75% हिस्सेदारी आ गई है, जबकि अदार पूनावाला के पास करीब 18% शेयर हैं। इससे पहले अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी भी इस टीम को खरीदने की रेस में थे, लेकिन वह डील पूरी नहीं हो सकी थी।

राज कुंद्रा ने इसी खरीद-बिक्री को रोकने के लिए बीसीसीआई और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनका दावा था कि टीम में उनकी पुरानी 11.7% की हिस्सेदारी को कभी भी कानूनी रूप से साफ या ट्रांसफर नहीं किया गया था, इसलिए जब तक कोर्ट में यह मामला चल रहा है, तब तक टीम बेचने की डील को मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, उनकी इन आपत्तियों को दरकिनार करते हुए बीसीसीआई ने इस सौदे को हरी झंडी दे दी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here