एमबीएल कंपनी सडक़ निर्माण कर वॉटर कोस पुलिया निर्माण करना भूला, प्रशासन की उदासीनता को लेकर किसान करेगें २५ अगस्त को चक्काजाम
पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। लालबर्रा से वारासिवनी मार्ग पर स्थित ग्राम खमरिया के पास सर्राठी जलाशय के वॉटर कोस की पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त होकर बंद पड़ी है। पुलिया का निर्माण न होने से क्षेत्र की लगभग १०० एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई बाधित हो गई है, जिससे किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जबकि लंबे समय से खमरिया के किसानों के द्वारा कलेक्टर, एसडीएम, एमबीएल कंपनी के जिम्मेदारों को समस्या से अवगत करवाकर सडक के बीच से क्षतिग्रस्त वॉटर कोस पुलिया के स्थान पर नवीन पुलिया का निर्माण करवाने की मांग कर रहे है। ताकि सर्राठी जलाशय की माइनर नहर से निकले वॉटर कोस पुलिया से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच सके। वहीं पुलिया बंद हो जाने से एक साइड में पानी जमा रहने से किसानों के खेतों में अत्यधिक पानी का जमाव से उनकी फसल खराब हो जाती है तो वहीं दुसरे ओर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा खमरिया स्थित बैंक के साइड के किसानों के खेतों तक पानी नही पहुंच पाता है। वहीं जब बारिश नही होती है तो पानी के अभाव में सैकड़ों एकड़ खेती में लगी फसल प्रभावित हो जाती है जिससे किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही विगत दिवस किसानों ने जिला प्रशासन एवं एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर खमरिया के पास क्षतिग्रस्त वॉटर कोस पुलिया का निर्माण करवाने की मांग की है एवं २४ अगस्त तक मांगे पूरी नही होने पर २५ अगस्त को लालबर्रा से वारासिवनी मार्ग खमरिया स्थित क्षतिग्रस्त वॉटर कोस पुलिया स्थल पर चक्काजाम एवं धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
आपकों बता दे कि लालबर्रा से वारासिवनी मार्ग स्थित खमरिया के समीप से सर्राठी जलाशय माइनर नहर गुजरी है और इस नहर के माध्यम से दर्जनों ग्रामों के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता है। वहीं विगत वर्ष पुर्व एमबीएल कंपनी के द्वारा वारासिवनी से लालबर्रा पहुंच मार्ग का निर्माण किया गया है। जिस समय ग्रामीणजनों एवं किसानों ने प्रशासन से खमरिया के समीप सडक़ के बीच से गुजरे वॉटर कोस पुलिया का नवीन निर्माण करवाने की मांग किये थे। लेकिन निर्माण कंपनी के द्वारा किसानों की मांगों को अनसुना कर तीव्र गति सडक़ का निर्माण कर दिया गया है। इस तरह से सडक़ निर्माण कर वॉटर कोस पुलिया निर्माण करवाना भूल गया प्रशासन। वहीं पुराने पुलिया के ऊपर से ओवर लोड़ वाहनों के गुजरने के कारण वॉटर कोस पुलिया क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बंद हो गया है। ऐसी स्थिति में सर्राठी जलाशय की खमरिया माइनर नहर में पानी छोडऩे पर जिस वॉटर कोस से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचना चाहिए वह तक नही पहुंच पा रहा है और यह सब एमबीएल कंपनी के जिम्मेदारों एवं प्रशासन की उदासीनता के कारण हो रहा है। जबकि एमबीएल कंपनी द्वारा सडक़ निर्माण के साथ ही वॉटर कोस पर नवीन पुलिया का निर्माण कर दिया जाता तो उक्त समस्या उत्पन्न नही होती। वहीं लंबे समय से खमरिया क्षेत्र के किसानों के द्वारा पूर्व में एम.बी.एल. कंपनी, परिवहन विभाग, कलेक्टर महोदय तथा क्षेत्रीय विधायक महोदया को भी लिखित रूप से अवगत करवा चुके है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। वहीं किसानों ने गत दिवस अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वारासिवनी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र पुलिया निर्माण शुरू करवने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पर त्वरित कार्यवाही करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो समस्त किसान २५ अगस्त को प्रात: ११ बजे क्षतिग्रस्त स्थान पर उग्र चक्काजाम आंदोलन करेंगे। वहीं किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि चक्काजाम एवं धरना प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति या अव्यवस्था निर्मित होती है, तो इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।










































