बालाघाट।
खैरलांजी थाना क्षेत्र के ग्राम खैरी में सोमवार को एक हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। गांव के दो युवा दोस्त बैनगंगा नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गए। जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।क्योंकि मृतक युवक अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल व्याप्त है। खैरलांजी पुलिस ने दोनों युवक अक्षय पिता संजू लांनगे 18 वर्ष तथा साहिल पिता मनोज भालाधरे 18 वर्ष का शव पोस्टमार्टम करवा कर उसके परिजनों को सौंप दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 जून को दोपहर लगभग 12 बजे अक्षय और साहिल गांव के समीप बहने वाली बैनगंगा नदी में नहाने के लिए गए थे। दोनों युवक पुलिया के नीचे नहा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों को तैरना नहीं आता था। नहाते समय वे अनजाने में नदी के गहरे हिस्से में पहुंच गए और पानी में डूबने लगे। जब आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें डूबते देखा तो तत्काल उनके परिजनों और रिश्तेदारों को सूचना दी गई।घटना की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिजन, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। दोनों युवकों की तलाश के लिए स्थानीय मछुआरों की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद मछुआरों ने नदी में खोजबीन शुरू की। बताया गया कि दोनों युवक पुलिया के पिलर के पास पानी के भीतर फंसे हुए थे।कड़ी मेहनत के बाद मछुआरों ने दोनों को नदी से बाहर निकाले लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों युवकों की मौत हो चुकी थी। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। माताओं की चीख-पुकार और परिजनों का विलाप देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।सूचना मिलने पर खैरलांजी पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को अस्पताल पहुंचाया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया।खैरलांजी पुलिस ने इस मामले में मर्ग क्रमांक 14/2026 एवं 15/2026 कायम कर जांच शुरू कर दी है। दोनों युवकों का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। गांव के लोगों की आंखें नम थीं। दो युवा दोस्तों की एक साथ हुई मौत ने पूरे ग्राम खैरी को स्तब्ध कर दिया है। ज्ञात हो कि अक्षय के परिवार में उसकी मां ही एकमात्र सहारा हैं।जो मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। अक्षय ने इसी वर्ष कक्षा 12वीं उत्तीर्ण की थी और आईटीआई में प्रवेश लिया था। ।वहीं साहिल भालाधरे भी अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं और वह भी आईटीआई में अध्ययनरत था। दोनो युवक के परिवार ने उनके भविष्य को लेकर कई सपने संजो रखे थे।लेकिन एक पल में सब कुछ बिखर गया।










































