पदमेश न्यूज़, बालाघाट।मंगलवार को जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में ग्राम पंचायत जाम के ग्रामीणों एवं पंचों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं की शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभिन्न योजनाओं में शासन की राशि का दुरुपयोग किया गया है तथा कई कार्य केवल कागजों में दर्शाकर भुगतान कर लिया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि मनरेगा के तहत जामटोला मोक्षधाम, जाम क्रिकेट ग्राउंड तथा नामदेव शाकरे के खेत के सामने किए गए वृक्षारोपण कार्यों में भारी अनियमितताएं हुई हैं। आरोप है कि जिन स्थानों पर पौधारोपण दिखाया गया, वहां अधिकांश पौधे मौजूद ही नहीं हैं, जबकि पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग तार सहित अन्य कार्यों पर पंचायत एवं मनरेगा मद से राशि खर्च दर्शाई गई है। ग्रामीणों ने पूरे कार्य की भौतिक जांच कराने की मांग की है।ज्ञापन में टाका तालाब परिसर में बनाए गए 4 से 5 फिशर पॉट निर्माण कार्यों को भी संदेह के घेरे में बताया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन कार्यों में मजदूरी और निर्माण संबंधी भुगतान में अनियमितताएं की गई हैं, जिसकी जांच आवश्यक है।
इसके अलावा वर्ष 2022-23 से लेकर 2026-27 तक पंचायत मद, 14वें एवं 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए सभी विकास कार्यों की जांच कराने, संबंधित बिल-वाउचर, कार्य प्रस्ताव, स्वीकृतियां और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है।
पंचों की सहमति और प्रस्ताव के बिना ही हो रहे कार्य
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई मामलों में पंचों की सहमति और प्रस्ताव के बिना ही सरपंच एवं सचिव द्वारा राशि निकाली गई।जिसकी जांच की जानी चाहिए, संबंधित सरपंच, सचिव एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम जाम स्थित अस्पताल भवन, जो जिला पंचायत को हस्तांतरित हो चुका था, उसे विभागीय एनओसी के बिना ही सरपंच द्वारा तुड़वा दिया गया। साथ ही अस्पताल की सामग्री का भी दुरुपयोग किए जाने की आशंका जताई गई है। इसकी भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। ग्रामीणों और पंचों ने कहा कि पंचायत में लंबे समय से विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की बारीकी से जांच कर दोषी सरपंच, सचिव एवं उपयंत्री के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
उच्चस्तरीय जांच कर की जाए वैधानिक कार्यवाही
इस संबंध में शिकायतकर्ता अक्षय सिल्लारे एवं धर्मेंद्र धामडे ने बताया कि ग्राम पंचायत जाम में शासन की विभिन्न योजनाओं की राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए जनसुनवाई में पहुंचकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो पंचायत में हुए कथित अनिमियताओ की परतें खुलकर सामने आएंगी।
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