नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के निवर्तमान न्यायाधीश जेके माहेश्वरी और जस्टिस पंकज मित्तल की समर्पित सेवा की सराहना की। इस दौरान तीनों जजों ने अधिकार और धर्म के बारे में भी अहम बातें कीं। जस्टिस माहेश्वरी 28 जून को सेवानिवृत्त होंगे, और जस्टिस मित्तल 16 जून को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने दोनों जजों की सत्यनिष्ठा और गरिमापूर्ण तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए सराहना की। CJI सूर्यकांत बोले-अधिकार दूरी पैदा नहीं करता
सीजेआई सूर्यकांत ने दोनों जजों के बारे में कहा-उन्होंने हमें दिखाया कि अधिकार दूरी पैदा नहीं करता और उच्च पद किसी व्यक्ति को उन स्थानों और मूल्यों से अलग नहीं करता जिन्होंने उसे आकार दिया है।
यह विदाई समारोह सर्वोच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ द्वारा सुप्रीम कोर्ट के दोनों जजों जस्टिस माहेश्वरी और जस्टिस मित्तल के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था।भाई माहेश्वरी और भाई मित्तल को समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद: CJI
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा-‘न्यायपीठ में मेरे सहयोगियों की ओर से, संस्था की ओर से, यहां उपस्थित सभी लोगों की ओर से और जो लोग ऑनलाइन हमसे जुड़ रहे हैं, मैं भाई माहेश्वरी और भाई मित्तल को उनकी वर्षों की समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं, जो उन्होंने गरिमा, सत्यनिष्ठा, संयम और दृढ़ विश्वास के साथ दी।’भाई माहेश्वरी और भाई मित्तल को समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद: CJI
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा-‘न्यायपीठ में मेरे सहयोगियों की ओर से, संस्था की ओर से, यहां उपस्थित सभी लोगों की ओर से और जो लोग ऑनलाइन हमसे जुड़ रहे हैं, मैं भाई माहेश्वरी और भाई मित्तल को उनकी वर्षों की समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं, जो उन्होंने गरिमा, सत्यनिष्ठा, संयम और दृढ़ विश्वास के साथ दी।’










































