डीआरएम के निरीक्षण के बाद भी नही सुधरी व्यवस्था

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पदमेश न्यूज़,बालाघाट।लाख जतन के बावजूद भी ट्रेनों की लेट लतीफी का सिलसिला अब भी बा-दस्तूर जारी है।जहां एक्का दुक्का ट्रेनो को छोड़कर लगभग सभी ट्रेने अपने पूर्व निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार चलाने में रेलवे प्रशासन अब भी पिछड़ा हुआ है। रोजाना ट्रेनों की हो रही लेट लतीफी के चलते किराए में मिली छूट भी यात्रियों को नहीं भा रही है और वे ट्रेनों को सही समय पर चलाए जाने की लगातार मांग कर रहे हैं।आए दिनों की तरह ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला रविवार को भी देखने को मिला।जहां कटंगी से गोंदिया की ओर जाने वाली लोकल ट्रेन जहा अपने निर्धारित समय से करीब 2 घण्टे देरी से बालाघाट पहुची तो वही इस पैसेंजर ट्रेन को बालाघाट से गोंदिया जाने में भी लंबा समय लग गया।जिसकी प्रमुख वजह माल गाड़ी को प्राथमिकता देना बताया जा रहा है।उधर गोंदिया से बालाघाट होते हुए जबलपुर की ओर जाने वाली ट्रेन भी देरी से बालाघाट स्टेशन पहुची। जहां ट्रेन लेट होने के चलते बालाघाट रेलवे स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।बताया जा रहा है कि बालाघाट से होकर गुजरने वाली केवल लोकल ट्रेन ही लेट नहीं हो रही है, बल्कि एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और स्पेशल ट्रेन भी रोजाना देरी से चल रही है।जिस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए यात्रियों ने ट्रेनों को समय पर चलाए जाने की बात कही गई है। ,तो वहीं यात्रियों द्वारा मालगाड़ी की जगह यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दिए जाने की गुहार लगाते हुए व्यवस्थाओं में सुधार किया जाने की मांग की है।

मालगाड़ी के चक्कर में खड़ी रखी जा रही ट्रेन
अपनी निर्धारित समय पर ट्रेनों का ना चलना पहले से ही यात्रियों को परेशान कर रहा है। तो वहीं दूसरी ओर मालगाड़ी को पास करने के चक्कर में यात्री ट्रेन लंबे समय तक किसी भी स्टेशन में जाकर खड़ी की जा रही है,जिससे यात्री काफी परेशान है। कई यात्रीयो को तो आगे का सफर बीच में ही छोड़ना पड़ रहा है।वही कई यात्री किसी अन्य साधन से अपने गंतव्य की ओर बढ़ते नजर आ रहे है। तो कई यात्री मजबूरी में ट्रेन चलने का इंतजार करते रहते है।

ट्रेनों का सफर लगने लगा महंगा
बेबस सिस्टम, लचर व्यवस्था ने रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लंबे समय से यात्री ट्रेन का शेड्यूल ठीक नहीं हो पाया है।लम्बी दूरी की सवारी गाड़ी घंटे भर विलंब से पहुच रही है।वही ,रीवा इतवारी, चांदाफोर्ट और अन्य एक्सप्रेस ट्रेन भी विलंब से चल रहीं हैं। निर्धारित समय पर ट्रेन नहीं चलने के कारण यात्रियों को मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बालाघाट से गोंदिया और गोंदिया से बालाघाट की ओर चलने वाली पैसेजर ट्रेन हर दिन विलंब से पहुंच रही है।कई बार तो घंटों विलंब से ट्रेन चलने के कारण यात्रियों को गंतव्य की ओर बस के जरिए महंगा सफर तय करना पड़ रहा है।

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का दंश झेल रही जनता
आपको बताए कि ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला कोई आज का नही है बल्कि एक लम्बा वक्त गुजर जाने के बाद भी सिस्टम में सुधार नहीं आ पा रहा है।जहा टाइमटेबल के अनुरूप यात्रियों को ट्रेन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।कई बार जन प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित कराए जाने के बाद भी किसी प्रकार के कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।जिसके चलते जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का दंश जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है।जिसपर जिम्मेदारो का कोई ध्यान नही है।

यात्री की जगह मालगाड़ी को दी जा रही प्राथमिकता
ट्रेन आने की राह देखकर परेशान हो चुके यात्रियों का आरोप है कि रोजाना ट्रेन अपने निर्धारित समय से नही चल रही है और आए दिन लेट हो रही है। जहां यात्रियों ने, रेलवे प्रशासन पर माल गाड़ियों को प्राथमिकता देने और मालगाड़ी को पास करने के चक्कर में यात्री ट्रेनों को रोजाना लेट किए जाने का आरोप लगाया है। जिन्होंने मालगाड़ी की जगह यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देकर सभी ट्रेने टाइम टेबल के अनुसार चलाए जाने की मांग की है।

विभाग के पास नही है कोई स्पष्ट कारण
रोजाना ट्रेनों की लेट लतीफी को लेकर विभाग के पास कोई स्पष्ट कारण नहीं है। कभी ट्रेनो की लेटलतीफी को लेकर मालगाड़ी को वजह बताया जाता है तो कभी गोंदिया में तकनीकि कारणों को इसका कारण बताया जाता है,तो कभी मेंटनेश कार्यो का हवाला देकर व्यवस्था बनाए जाने की बात कही जाती है। जिससे यह साफ है कि ट्रेनो के देरी से चलने का विभाग के पास भी कोई स्पष्ट कारण नहीं है। दूसरी ओर रेल यात्रियों के पास इंतजार करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

सिर्फ आज ही लेट नहीं हुई ट्रेन, रोजाना देरी से चल रही है -इरफान
जबलपुर ट्रेन की राह देखते देखते परेशान हो चुके यात्री इरफान ने बताया कि उन्हें जबलपुर जाना था। 7 से वह ट्रेन की राह देख रहे हैं, 8:15 बज गए ट्रेन नहीं आई ,पता नहीं ट्रेन कब आएगी और कब हम जबलपुर पहुंचेंगे।करीब 1 घंटे से परेशान हो रहे हैं यह आज पहला दिन नहीं है की ट्रेन लेट हुई हो बल्कि ट्रेन रोजाना लेट हो रही है। यहां आने के बाद ट्रेन कब छूटेगी, इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। पूछने पर बताते भी नहीं की ट्रेन क्यों लेट हो गई, हमें ऐसा लगता है कि मालगाड़ी के चक्कर में ट्रेनों को लेट किया जा रहा है केवल लोकल ट्रेन ही नहीं बल्कि एक्सप्रेस ट्रेन भी देरी से चल रही है। यदि समय सारणी के अनुसार ट्रेन चलती तो सभी लोग अपने समय पर गंतव्य पर पहुंच जाते और वहां अपने काम पूरे कर लेते।लेकिन हमें तो ऐसा लग रहा है कि आज शाम 4 बजे तक ट्रेन जबलपुर पहुंचेगी और हमारे काम भी नहीं हो पाएंगे।

बस टाईम पर चलती है, पर ट्रेन नहीं-अनिल बाहेश्वर
वही किरनापुर के ग्राम मौदा से आए यात्री अनिल बाहेश्वर ने बताया कि उन्हें चिरई डोंगरी में किसी डॉक्टर के पास जाना है, करीब सात से आठ मरीज उनके साथ में है, सभी को डॉक्टर ने दोपहर 12 के पहले आने कहा है,लेकिन हम यहां ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं, 7:30 बजे तक ट्रेन आ जाना था लेकिन आज 8:15 बज गए अभी तक ट्रेन का कोई अता पता नहीं है, ऐसे में डॉक्टर हमें नहीं मिल पाएगा और हम में से किसी का भी काम नहीं होगा हमें ऐसा लगने लगा है। यदि बस से जाते तो अब तक नैनपुर तक पहुंच गए होते,लेकिन ट्रेन से जाना था इसीलिए हम लेट हो गए।उन्होंने आगे बताया कि बस समय पर चलती है लेकिन ट्रेन अक्सर लेट ही होती है।इसे समय पर चलाना चाहिए

मेंटनेश कार्य के चलते लेट हुई थी ट्रेन,आज मेटनेश का आखरी दिन था, – चौधरी
इस पूरे मामले को लेकर दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान बालाघाट रेलवे स्टेशन प्रबंधक कृष्ण कुमार चौधरी ने बताया कि पहले की अपेक्षा की लगभग सभी ट्रेने शेड्यूल के इर्द गिर्द चल रही है। अभी सुबह की गाड़ी भी लगभग समय पर ही चल रही है। हमारा प्रयास है की ट्रेने सही समय पर चले इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से पत्राचार किया जा चुका है। उन्होंने आगे बताया कि गोंदिया से कटंगी और कटंगी से गोंदिया के बीच चलने वाली ट्रेने इसीलिए लेट हुई क्योंकि वारासिवनी से बालाघाट के बीच पिछले कुछ दिनों से मेंटेनेंस कार्य चल रहा था, आज मेंटेनेंस कार्य का आखिरी दिन था। हमारा प्रयास रहता है कि ट्रेन समय पर आए और समय पर उसे बालाघाट स्टेशन से गंतव्य की ओर रवाना किया जाए।

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