पाकिस्तान के फिर होंगे टुकड़े? नए प्रांतों की बहस ने ताजा की बांग्लादेश विभाजन की यादें, शहबाज और मुनीर में ठनी

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान में नये प्रांत बनाने की कोशिशों ने बहुत बड़ा विवाद शुरू कर दिया है। इस बार आर्मी चीफ असीम मुनीर और शहबाज शरीफ आमने-सामने हैं। कई पाकिस्तानी पत्रकारों ने शहबाज शरीफ की सरकार के जल्द गिरने की भी भविष्यवाणी की है। ये विवाद तब सामने आया जब देश के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ‘शासन का ढांचा ध्वस्त होने’ की बात करते हुए कहा कि देश के शासन ढांचे में बड़े बदलाव की जरूरत है।

मोहसिन नकवी असीम मुनीर के काफी करीबी माने जाते हैं और पाकिस्तानी विपक्षी दलों और राष्ट्रवादी समूहों ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की है। कुछ लोगों ने चेतावनी दी है कि प्रांतों की सीमाओं से जुड़े मुद्दों को फिर से उठाने से मौजूदा राजनीतिक और जातीय मतभेद और गहरे हो सकते हैं। वो 1971 जैसा हाल होने की चेतावनी दे रहे हैं जब पाकिस्तान टूटकर बांग्लादेश बना था।

पाकिस्तान में क्यों उठ रही है नए प्रांत बनाने की मांग?

मोहसिन नकवी का तर्क है कि पाकिस्तान के बड़े प्रांतों खासकर पंजाब और सिंध का प्रभावी ढंग से प्रशासन चलाना मुश्किल हो गया है और नए प्रशासनिक यूनिट बनाने से शासन और सेवा वितरण में सुधार हो सकता है। पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के मुताबिक उन्होंने राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने की अपील की है। कई रिपोर्ट में अशांत बलूचिस्तान को भी कुछ हिस्सों में तोड़ने की बात कही गई है जिसका मकसद बलूच विद्रोहियों के आंदोलन को कमजोर करना है।

बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP), शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (PML-N) और साथ ही सिंधी और बलोच राष्ट्रवादी समूहों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। जिससे अब ये लड़ाई पाकिस्तान सरकार बनाम पाकिस्तान सेना हो गई है। इस बदलाव के लिए संविधान संशोधन की जरूरत होगी और अगर शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो तैयार नहीं होते तो संविधान संशोधन संभव नहीं है। इसीलिए पाकिस्तान की राजनीति में शहबाज शरीफ की सरकार के जल्द गिरने की भविष्यवाणी की गई है।

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