शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक-10 राजा नगर में मामूली विवाद ने रविवार शाम हिंसक रूप ले लिया। गांजा पीने से रोकने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद अगले ही दिन खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि एक युवक तलवार लेकर प्रतिद्वंद्वी के घर पहुंचा और मां-बेटों सहित कई लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंची महिलाओं से भी मारपीट की गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में महिलाएं शिकायत लेकर कोतवाली थाने पहुंचीं।
जानकारी के अनुसार शनिवार को अनम आटा चक्की के पास सचिन चौहान उर्फ सचिन अंडा अपने कुछ साथियों के साथ खुलेआम गांजा पी रहा था। इसी दौरान मोहल्ले के निवासी तौसिफ ने उसे ऐसा करने से मना किया। बात बढ़ी तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद हो गया। स्थिति बिगड़ते देख स्थानीय लोगों ने डायल-112 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत करा दिया। उस समय लगा कि विवाद समाप्त हो गया है, लेकिन अगले ही दिन यह रंजिश हिंसक हमले में बदल गई। रविवार शाम करीब 6:30 बजे आरोप है कि सचिन चौहान बदला लेने की नीयत से तलवार लेकर तौसिफ के घर पहुंचा। वहां उसने तौसिफ, उसके भाई साजिद और उनकी मां हलीमा खान पर हमला कर दिया। हमले में हलीमा खान के हाथ में गंभीर चोट आई, जबकि तौसिफ की उंगली भी घायल हो गई। अचानक हुए हमले से परिवार में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना के दौरान जब मोहल्ले की महिलाएं बीच-बचाव के लिए आगे बढ़ीं तो आरोप है कि हमलावर ने उनके साथ भी मारपीट की। इतना ही नहीं, महिलाओं के चेहरे पर डाले गए दुपट्टे खींचने का भी प्रयास किया गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। महिलाओं का कहना है कि यदि समय रहते लोग बीच-बचाव नहीं करते तो कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सचिन चौहान और उसके साथी लंबे समय से मोहल्ले में गांजा और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं। तौसिफ और साजिद, जो ड्राइवरी का कार्य करते हैं, का कहना है कि उन्होंने पहले भी इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपियों के हौसले बढ़ गए। उनका कहना है कि यदि पहले ही सख्त कदम उठाए जाते तो रविवार की यह घटना टाली जा सकती थी। दूसरी ओर, मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब आरोपी पक्ष भी शिकायत लेकर सामने आ गया। सचिन चौहान की बहन ने आरोप लगाया कि साजिद जबरन उनके घर में घुस आया और ईंट-पत्थरों से हमला किया। इस प्रकार दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं कोतवाली थाना पहुंचीं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि यदि मोहल्ले में खुलेआम नशे का कारोबार और असामाजिक गतिविधियों पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। फिलहाल कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्षेत्र में अवैध रूप से गांजा और शराब बेचने संबंधी लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ती नशाखोरी और उससे जुड़े अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो छोटे-छोटे विवाद इसी तरह हिंसक घटनाओं में बदलते रहेंगे। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की जांच और आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।










































