भरवेली दुर्गा मेले में बैठक व्यवस्था पर सवाल

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सामाजिक कार्यकर्ता व व्यापारियों ने जताई आपत्ति कहा- बैठने की जगह भी बनी कमाई का जरिया?,
भरवेली के दुर्गा चौक में बैठक व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी,
दुकानों की खुली बोली के बाद अब बैठने की जगह को लेकर उठे सवाल,
मॉयल प्रबंधन बोला— बैठक की पर्याप्त व्यवस्था, बैठकर करेंगे चर्चा
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पदमेश न्यूज़। बालाघाट। भरवेली स्थित दुर्गा चौक मैदान में मॉयल लिमिटेड द्वारा आयोजित किए जाने वाले सार्वजनिक दुर्गा उत्सव नवरात्रि मेले में इस बार दुकान आवंटन के बाद अब आम लोगों की बैठक व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण माता के दर्शन, मेला घूमने तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने पहुंचते हैं। ऐसे में बैठने के लिए बनाई जाने वाली व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी सामने आ रही है।बताया जा रहा है कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी मेले में दुकान लगाने के लिए खुली बोली कराई गई है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारियों का आरोप है कि पिछले वर्ष से मेले में आम लोगों के लिए बनाई जाने वाली बैठक व्यवस्था में कमी की जा रही है। जिस स्थान पर लोग बैठकर कार्यक्रम देखते थे, ठीक उसी के सामने की जगह मेले के लिए किराए पर दी जा रही है।इससे दर्शको को परेशानी होंगी।उन्होंने इस आयोजन में बैठक व्यवस्था को भी कमाई का जरिया बनाए जाने की बात कही है।

पर्याप्त बैठक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए
सामाजिक कार्यकर्ता इमरान खान ने मॉयल लिमिटेड प्रशासन से मांग की है कि मेले में आने वाले आम लोगों के लिए पूर्व की तरह पर्याप्त बैठक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मेले में दुकानों के लिए जगह अधिक कीमत पर आवंटित की जा रही है और सार्वजनिक दुर्गा उत्सव की व्यवस्थाओं को लेकर पारदर्शिता भी जरूरी है।उन्होंने बताया कि सार्वजनिक दुर्गा उत्सव के नाम पर मजदूरों के वेतन से राशि काटे जाने और ठेकेदारों से चंदा लिए जाने की बात सामने आती रही है। इसके अलावा दुकानदारों से दुकान लगाने के लिए राशि ली जाती है। ऐसे में उत्सव के लिए एकत्रित होने वाली राशि और उसके खर्च का हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि यदि सार्वजनिक दुर्गा उत्सव के नाम पर विभिन्न माध्यमों से राशि एकत्रित की जा रही है तो उसके आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक होना चाहिए, ताकि लोगों के बीच किसी प्रकार की भ्रांति की स्थिति न बने।उनका कहना है कि मेला केवल व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन भी है।

मॉयल प्रबंधन ने कहा—बैठकर करेंगे चर्चा
बैठक व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर मॉयल प्रबंधन की ओर से फिलहाल विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है। हालांकि जगह नीलामी के दौरान प्रबंधन ने लोगों की बैठक व्यवस्था सहित मेले में अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था किए जाने की बात कही है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर प्रबंधन और आपत्ति जताने वाले लोगों के बीच चर्चा के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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