जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुरेश जाट समेत आठ दोषियों को ग्राम कंचनखेड़ी में किसान नाथूलाल चौधरी की हत्या के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जंगबहादुर सिंह राजपूत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये तथा 5-5 हजार रुपये मिलाकर कुल दो लाख रुपये अर्थदंड किया गया है।
फरियादी विकास चौधरी पुत्र मुकेश चौधरी ने 24 जनवरी 2024 को जीएमसी रतलाम में भर्ती रहने के दौरान पुलिस को बताया कि वह अपने नानाजी के घर ग्राम कंचनखेड़ी में रहकर खेती करता है। घटना वाले दिन सुबह करीब 11 बजे उसके रिश्ते के नानाजी नाथूलाल चौधरी खेत जा रहे थे, जबकि वह और उसके मामा जितेंद्र जाट गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए पाइप जोड़ रहे थे।डंडो से हमला किया था
तभी चीख-पुकार सुनाई देने पर दोनों मौके पर पहुंचे। मौके पर उन्होंने देखा कि 42 वर्षीय सुरेश जाट पुत्र भंवरलाल जाट, 30 वर्षीय राहुल जाट पुत्र बाबूलाल उर्फ पालीवाल जाट, 27 वर्षीय कपिल जाट पुत्र बाबूलाल उर्फ पालीवाल जाट, 24 वर्षीय विकास जाट उर्फ भूरा पुत्र रमेश जाट, 30 वर्षीय सुभाष जाट पुत्र रमेश जाट, 34 वर्षीय बलराम जाट पुत्र भरतलाल जाट, 32 वर्षीय अवतारसिंह जाट पुत्र कैलाश जाट तथा 34 वर्षीय विक्रम जाट पुत्र कैलाश जाट सभी निवासी ग्राम कंचनखेड़ी पुरानी रंजिश को लेकर लोहे की टामी, लोहे के पाइप, लाठी और डंडों से नाथूलाल चौधरी पर हमला कर रहे थे।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
विकास और जितेंद्र जाट को देखकर सभी मौके से भाग गए। नाथूलाल चौधरी के दोनों हाथ, दोनों पैर, हथेलियों और उंगलियों सहित शरीर पर गंभीर चोटें थीं। उन्हें पहले सिविल अस्पताल जावरा और बाद में मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मामले की जांच एसआई केएल दायमा एवं एसआइ लोकेन्द्रसिंह डावर ने की।
शासन ने इस मामले को चिन्हित श्रेणी में रखा था। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सभी आठ दोषियों को आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी विजय कुमार पारस एवं विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार छारी ने पैरवी की।










































