यह National Pension System (NPS) का एक सरल वर्जन है, जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो अनौपचारिक या असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। भारत का लगभग 90 प्रतिशत वर्कफोर्स इसी सेक्टर से जुड़ी हुई है, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या के पास कोई पेंशन सुरक्षा नहीं होती।
NPS Sanchay स्कीम का मुख्य उद्देश्य लोगों के लिए निवेश और पेंशन योजना को आसान बनाना है। कई बार लोग निवेश विकल्प और एसेट एलोकेशन जैसी जटिल चीजों को समझ नहीं पाते, इसलिए इस स्कीम को सरल तरीके से डिजाइन किया गया है। PFRDA का कहना है कि यह स्कीम खासकर उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जिन्हें वित्तीय सलाह या निवेश गाइडेंस आसानी से उपलब्ध नहीं होती।
कौन कर सकता है निवेश
इस स्कीम में भारत का कोई भी नागरिक निवेश कर सकता है जिसकी उम्र 18 से 85 साल के बीच हो। अकाउंट खोलने के लिए KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। यह स्कीम NPS के All Citizen Model और Multi Scheme Framework (MSF) के तहत लाई गई है। इसका मतलब है कि इसमें निवेश के नियम काफी हद तक मौजूदा NPS योजनाओं जैसे NPS, UPS और Atal Pension Yojana (APY) के समान रहेंगे।
NPS Sanchay में न्यूनतम निवेश और आगे की योगदान राशि के नियम भी मौजूदा NPS स्कीम जैसे ही रखे गए हैं। इससे लोगों को नई प्रक्रिया सीखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस योजना में निवेश करने वाले लोग नियमित रूप से छोटी-छोटी रकम जमा कर भविष्य के लिए बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकते हैं। यह स्कीम खासकर छोटे व्यापारियों, मजदूरों, गिग वर्कर्स और स्वरोजगार करने वाले लोगों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।
NPS Sanchay स्कीम किन लोगों का बनेगी सहारा
NPS Sanchay की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब देश में रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। यह स्कीम उन लोगों के लिए बड़ा सहारा बन सकती है जिनके पास EPF या सरकारी पेंशन जैसी सुविधाएं नहीं हैं। आसान निवेश प्रक्रिया, ज्यादा उम्र तक निवेश की सुविधा और बेहतर निकासी नियमों के कारण आने वाले समय में यह योजना असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के बीच काफी लोकप्रिय हो सकती है।










































