वारासिवनी में वृद्धा पेंशन नही मिलने से बुजुर्ग परेशान

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों को पिछले कई महीनों से सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन समय पर नही मिलने के कारण भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बीते करीब चार महीनों से पेंशन की आस लगाए बैठे असहाय बुजुर्गों को इस माह महज एक महीने की ही राशि का भुगतान किया गया है। जिससे उनके सामने जीवन यापन का गहरा संकट खड़ा हो गया है।

चार माह से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हितग्राही

पेंशन की रुकी हुई राशि का पता लगाने और अपने हक का पैसा पाने के लिए बुजुर्गों को इस मौसम एवं बढ़ती उम्र में जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, ग्राम पंचायत से लेकर बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। बार बार दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी सही जानकारी नही मिलने से हितग्राहियों में गहरा असंतोष और निराशा व्याप्त है। शासन के नियमानुसार ६० वर्ष या उससे अधिक आयु के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले बुजुर्गों को प्रतिमाह ६०० रूपये की पेंशन दी जाती है। हालांकि यह राशि कम है लेकिन कई निर्धन बुजुर्गों के लिए दवा पानी और रोजमर्रा के छोटे.मोटे खर्चों का यही एकमात्र सहारा है। क्षेत्र में कई ऐसे वृद्ध दंपति हैं जिनका कोई पालनहार या सहारा नहीं है। ऐसे बुजुर्गों के लिए यह पेंशन ही उनका एकमात्र जीवन निर्वाह भत्ता है। चार महीने में केवल एक माह की पेंशन मिलने से उनकी दवाइयों और भोजन की दैनिक जरूरतें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। शासन की मंशा असहाय बुजुर्गों को आर्थिक सहारा प्रदान करने की है लेकिन स्थानीय स्तर पर लचर व्यवस्था के कारण हितग्राहियों को इसका सही लाभ नहीं मिल पा रहा है। वारासिवनी क्षेत्र के पीडि़त वृद्ध हितग्राहियों ने शासन प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी रुकी हुई शेष महीनों की पेंशन राशि तुरंत उनके खातों में ट्रांसफ र की जाए और भविष्य में पूर्व की भांति हर महीने नियमित रूप से पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपना जीवन यापन कर सकें।

अप्रैल माह से नही मिल रही वृद्धा पेंशन – लालचंद बाहेश्वर

हितग्राही लालचंद बाहेश्वर ने बताया कि वृद्धा पेंशन अप्रैल महीने से नहीं आ रही है मेरी आंख में दिखता नहीं है तो मजदूरी भी नहीं कर सकता। मेरी पत्नी काम कर थोड़ा बहुत कमा लेती है जिससे हमारा भरण पोषण हो रहा है। मेरे बेटे की मौत हो चुकी है नाती अभी छोटा है कमाने लायक नहीं है पेंशन हमारी अभी तक नहीं आई है। बीच में एक माह की पेंशन इस महीने हमें मिली है वृद्धा पेंशन हमारी जीविका का साधन है। किसान सम्मान निधि भी चार बार मिली थी फिर बंद हो गई हम यही चाहते हैं कि पहले की तरह हमें हर महीने पेंशन मिले इस समस्या से मैं अकेला नहीं बहुत सारे लोग वृद्ध परेशान हैं।

पेंशन नहीं मिलने से हितग्राही हो रहे परेशान – पीतांबर नागेश्वर

पूर्व जनपद सदस्य पीतांबर नागेश्वर ने बताया कि शासन के द्वारा बीपीएल परिवार को वृद्धा पेंशन दी जाती है। इसका लाभ ले रहे लोगों को चार माह से पेंशन नहीं मिली है हितग्राही कियोस्क सेंटर, बैंक, पंचायत, तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। बड़ी मुश्किल से एक माह की पेंशन डाली गई है अब यह कैसे अपना भरण पोषण और जीवन निर्वाह करेंगे ६०० रुपए पेंशन मिलती है। ५ महीने में एक बार राशि आएगी तो कैसा होगा यह स्थिति किसी एक पंचायत नहीं हर पंचायत की है। हितग्राही परेशान है उन्हें केवाईसी, आधार अपडेट, जन्म प्रमाण पत्र सहित अनेक प्रकार के कार्यों के लिए भटकना पड़ रहा है। यदि यह अधिकार पंचायत को होते तो आसानी से काम हो जाता परंतु इन्हें भटकना पड़ रहा है कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं बड़े परेशान है।

इनका कहना हैं

दूरभाष पर बताया की वृद्धा पेंशन जिस पोर्टल से वितरण की जाती थी उसमें तकनीकी खराबी आने के कारण केंद्र से पोर्टल पर कार्य किया जा रहा था। जिससे वृद्धा पेंशन रुकी हुई थी अभी पोर्टल बदल दिया गया है और पेंशन डाली गई है। संभवत अब नियमित पेंशन हितग्राहियों के खातों में वितरण होगी।

वंदना कुशराम प्रभारी सीईओ जनपद पंचायत वारासिवनी

बाइट लालचंद बाहेश्वर हितग्राही

पीताम्बर नागेश्वर पूर्व जनपद सदस्य

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