Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि उनकी सेना ने पहली बार घरेलू रूप से निर्मित FP-7 टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि रूस पर सीधे हमले की स्थिति में मॉस्को अपने पास मौजूद सभी हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध खत्म होने के बजाय लगातार और गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों की ओर से बढ़ती सैन्य कार्रवाई और तीखे बयानों के बीच संघर्ष के और लंबा खिंचने के संकेत मिल रहे हैं।
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी सेना ने पहली बार युद्ध में देश में निर्मित एफपी-7 टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है। वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि रूस पर सीधा हमला होने की स्थिति में मॉस्को अपने पास मौजूद ‘सभी हथियारों’ का इस्तेमाल कर सकता है।
जेलेंस्की ने गुरुवार को एफपी-7 मिसाइल के लॉन्च की एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि यूक्रेन अब इस मिसाइल का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करेगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मिसाइल का इस्तेमाल कब और किस स्थान पर किया गया। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, जेलेंस्की के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।यूक्रेन का यह दावा ऐसे समय में आया है जब कीव युद्ध के बीच अपने घरेलू रक्षा उत्पादन को तेजी से बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसका एक उद्देश्य पश्चिमी देशों से मिलने वाली सैन्य सहायता पर निर्भरता कम करना और लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों की अपनी क्षमता को मजबूत करना है।
क्या है एफपी-7 मिसाइल?
एफपी-7 को यूक्रेन की घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता से जुड़ी एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल के तौर पर पेश किया जा रहा है। बैलिस्टिक मिसाइलें आम तौर पर लक्ष्य की ओर तेज गति से बढ़ती हैं और अपने प्रक्षेपवक्र के एक बड़े हिस्से में बैलिस्टिक पथ का अनुसरण करती हैं।
जेलेंस्की की ओर से साझा की गई तस्वीर को यूक्रेन की इस दिशा में बढ़ती क्षमता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मिसाइल की वास्तविक क्षमता, इस्तेमाल की गई संख्या और युद्धक्षेत्र में उसके प्रभाव से जुड़ी स्वतंत्र जानकारी फिलहाल सीमित है।
पुतिन की सीधी चेतावनी- हमला हुआ तो ‘सभी हथियार’ करेंगे इस्तेमाल
दूसरी ओर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों के खिलाफ किसी हमले की योजना से इनकार किया, लेकिन साथ ही रूस पर सीधे हमले की स्थिति में कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी। मॉस्को में वल्दाई क्लब फोरम में बोलते हुए पुतिन ने पश्चिमी देशों और यूरोप पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने बाल्टिक सागर में सैन्य गतिविधियों, रूस के जहाजों को जब्त करने की चर्चाओं और रूस के साथ संभावित युद्ध की तैयारियों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया।
नाटो के साथ संभावित टकराव को लेकर सवाल पूछे जाने पर पुतिन ने कहा कि रूस किसी को डराने की कोशिश नहीं कर रहा है, बल्कि वह रूस को डराने की कोशिश का जवाब दे रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कलिनिनग्राद का जिक्र करते हुए कहा कि अगर रूस पर सीधा हमला होता है तो मॉस्को के सामने अपने उपलब्ध हथियारों के इस्तेमाल का सवाल आएगा।
कलिनिनग्राद को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
कलिनिनग्राद रूस का एक ऐसा क्षेत्र है जो रूस के मुख्य भूभाग से अलग स्थित है और यूरोपीय देशों से घिरा हुआ है। रूस और नाटो के बीच तनाव की स्थिति में यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। रूस की ओर से दावा किया गया है कि नाटो कलिनिनग्राद और उसके आसपास के इलाके की हवाई और समुद्री नाकेबंदी की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुतिन ने इसी संदर्भ में कहा कि अगर रूस के किसी हिस्से पर सीधा हमला होता है, तो मॉस्को यह तय करेगा कि उपलब्ध हथियारों में से किसका इस्तेमाल किया जाना है।






































