सीईओ पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप,

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बोले- गौण खनिज में हुआ भ्रष्टाचार, मेरे पास हैं सबूत
दोषी सचिवों को उपकृत करने का भी आरोप,
सरपंचों को किया गया परेशान; बैठकों से अध्यक्ष को दूर रखने पर भी उठाए सवाल
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पदमेश न्यूज़ | बालाघाट।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिषेक सराफ का भले ही बालाघाट से स्थानांतरण हो गया हो, लेकिन उनसे जुड़ा विवाद अब भी उनका पीछा नही छोड़ रहा है। सीईओ और अध्यक्ष के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच एक बार फिर जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार ने, सीईओ अभिषेक सराफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें सवालों के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। तो वहीं उन्होंने स्थानांतरण के बाद भी मामले की जांच कराने और जांच न होने पर न्यायालय की शरण लिए जाने की बात कही है। सीईओ अभिषेक सराफ पर तमाम तरह के आरोप जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार द्वारा सोमवार को नगर के सर्किट हाउस में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान लगाए गए हैं।

भ्रष्टाचार के मेरे पास है सबूत
जिला पंचायत अध्यक्ष ने, सीईओ पर गौण खनिज मद में भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन सीईओ ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को प्रभावित किया और जिला पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की। अध्यक्ष ने कहा कि उनके और जिला पंचायत सदस्यों द्वारा विभिन्न कार्यों एवं पंचायतों से जुड़े मामलों की जानकारी मांगने के लिए कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन अधिकांश मामलों में उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कथित रूप से किए गए में भ्रष्टाचार के उनके पास सबूत होने की भी बात कही है

पंचायत व्यवस्था को चौपट करने का लगाया आरोप
जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार ने कहा कि सीईओ अभिषेक सराफ के कार्यकाल में पंचायत व्यवस्था के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े होते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा जनहित एवं पंचायतों से जुड़े विषयों पर जानकारी मांगने के बावजूद अधिकारियों द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपेक्षित जानकारी नहीं दी गई। अध्यक्ष के अनुसार, उन्होंने स्वयं कई बार सीईओ को पत्र लिखकर विभिन्न विकास कार्यों, पंचायतों से संबंधित निर्णयों और अन्य विषयों की जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में जिला पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा जानकारी मांगने के बावजूद अधिकारियों की ओर से जवाब नहीं दिया जाता है तो यह पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

सरपंचों को प्रताड़ित करने और धारा 40 की कार्रवाई का आरोप
जिला पंचायत अध्यक्ष ने सीईओ पर कई सरपंचों को अनावश्यक रूप से परेशान करने और उन्हें बार-बार पेशी के लिए बुलाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अनेक मामलों में सरपंचों के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्रवाई की गई, जबकि पंचायतों में कथित तौर पर लापरवाही या अनियमितता के लिए जिम्मेदार सचिवों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिन सचिवों की भूमिका पर सवाल उठने चाहिए थे, उन्हें कार्रवाई से बचाने के बजाय अतिरिक्त पंचायतों का प्रभार तक सौंप दिया गया। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि एक ओर निर्वाचित सरपंचों पर कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर दोषी सचिवों को उपकृत करने का काम किया गया।

दोषी सचिवों को अतिरिक्त पंचायतों का प्रभार देने पर सवाल
सम्राट सिंह सरस्वार ने कहा कि पंचायतों में किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में सचिवों की भूमिका संदिग्ध होने के बावजूद उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत कुछ सचिवों को अतिरिक्त पंचायतों का प्रभार सौंप दिया गया।उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ शिकायत या अनियमितता सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच पूरी होने तक उसे महत्वपूर्ण अतिरिक्त प्रभार देना भी सवालों के घेरे में आता है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय होने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

गौण खनिज मद की समिति में अध्यक्ष को सदस्य नहीं मानने का आरोप
पत्रकारवार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष ने सबसे गंभीर आरोप गौण खनिज मद से संबंधित बैठकों को लेकर लगाए। उन्होंने कहा कि गौण खनिज मद से होने वाले कार्यों के लिए गठित समिति में जिला पंचायत अध्यक्ष सदस्य होता…

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