Strait of Hormuz Crisis: अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीचदूसरे दौर की वार्ता होनी है। दोनों ओर से इस बातचीत की तैयारी हो रही है, लेकिन इस वार्ता से पहले ही दोनों देशों के बीच तनाव फिर से गहरा गया है। दरअसल, ईरान ने एक दिन पहले ही, यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की घोषणा की थी। यह घोषणा तब हुई थी, जब ईरान की एक शर्त पूरी हो गई थी- लेबनान और इजराइल के बीच युद्धविराम। हालांकि यह युद्धविराम भी दिखावे की तरह ही रहा और हमले फिर शुरू हो गए। होर्मुज फिर बंद हो गया। हालांकि होर्मुज अमेरिका की एक गलती के कारण बंद हुआ, जिसकी घोषणा खुद ट्रंप ने की थी। ट्रंप की इसी घोषणा को गलती के रूप में देखा जा रहा है। होर्मुज पर ईरान की ओपन और शट नीति को अमेरिका पर दवाब बनाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
किस शर्त पर ईरान ने खोला था होर्मुज?
ईरान ने शुक्रवार को घोषणा की कि होर्मुज सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि लेबनान में लागू युद्धविराम को ध्यान में रखते हुए, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी व्यापारिक जहाजों के लिए मार्ग युद्धविराम की शेष अवधि तक पूरी तरह सुरक्षित और खुला रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहाजों को केवल उन्हीं रास्तों का इस्तेमाल करना होगा, जिन्हें ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन ने पहले से निर्धारित और घोषित किया है। इस बयान के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी होर्मुज का जिक्र करते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी-अभी यह घोषणा की है कि जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है और जहाजों की आवाजाही के लिए तैयार है, और इसके लिए उन्होंने धन्यवाद भी व्यक्त किया।









































