कृषि उपज मंडी में धान तुलाई में पकड़ी गई चोरी

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४० किलो की जगह तौली जा रही थी ४३ किलो धान मचा हडक़ंप

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी वारासिवनी एक बार फि र विवादों के घेरे में है। मंडी परिसर में किसानों की गाढ़ी कमाई की चोरी एक गंभीर मामला सामने आया है। ९ जुलाई की शाम करीब ५ बजे धान की तुलाई को लेकर मंडी में उस वक्त भारी हंगामा और आक्रोश की स्थिति निर्मित हो गई। जब एक किसान की सजगता के कारण तौल में हो रही ढाई से तीन किलोग्राम की सीधी चोरी पकड़ी गई। निर्धारित मात्रा से अधिक धान तौले जाने पर किसान और तौल करने वालो के बीच तीखी बहस हुई जिसके बाद मौके पर पहुंची मंडी अधिकारी ने पंचनामा की कार्यवाही की हैं।

यह हैं मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कोस्ते निवासी किसान नरेंद्र बिसेन अपनी करीब १३ क्विंटल धान बेचने के लिए वारासिवनी कृषि उपज मंडी लेकर आए थे। मंडी में उन्होंने धान के दो ढेर लगाए थे। इसमें से एक ढेर को व्यापारी दीपक रामचंदानी ने रामचंदानी राइस मिल के लिए २९६० रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा था पर्ची के अनुसार यह धान कुल ८ क्विंटल थी। धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंडी परिसर में तौलकर्ताओं हमालों द्वारा धान को बोरियों में भरकर तौल कांटे पर नापा जा रहा था। नियमानुसार प्रति बोरी धान का वजन ४०.७०० किलोग्राम होना चाहिए था और कांटे पर किसान को यही वजन दिखाया भी जा रहा था। लेकिन पूरी धान तौलने के बाद हमाल अचानक भरी हुई बोरियों में से चुपके से धान निकालने लगे। हमालों की इस संदिग्ध गतिविधि को देखकर किसान नरेंद्र बिसेन को शक हो गया। उन्होंने तुरंत दखल देते हुए तौले जा चुके बोरों को दोबारा इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर रखने को कहा। जब किसान के संदेह पर एक बोरी को पुन: कांटे पर चढ़ाया गया तो जिस बोरी का वजन ४०.७०० किलोग्राम होना चाहिए था उसका वास्तविक वजन ४३ किलोग्राम से भी अधिक निकला। यानी प्रति बोरी करीब ढाई से तीन किलो धान अधिक ली जा रही थी। इसके बाद जब दूसरी बोरियों को भी कांटे पर रखा गया तो उनमें भी ४३ किलो से ज्यादा वजन पाया गया। यदि यह चोरी नहीं पकड़ी जाती तो प्रति बोरी ३ किलो के हिसाब से किसान को प्रति क्विंटल लगभग ७.८ किलो धान का सीधा नुकसान उठाना पड़ता। तौल में इतनी बड़ी गड़बड़ी उजागर होते ही किसान नरेंद्र बिसेन का आक्रोश फू ट पड़ा। देखते ही देखते मंडी परिसर में मौजूद अन्य किसान और उनके परिचितों की भारी भीड़ जमा हो गई और हंगामा शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ती देख तत्काल मंडी प्रबंधन को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही मंडी अधिकारी जयमाला भालाधरे मौके पर पहुंचीं उन्होंने निष्पक्षता दिखाते हुए स्वयं अपनी मौजूदगी में बोरियों को पुन: किलो कांटे पर रखवाया। भौतिक सत्यापन के दौरान अधिकारी के सामने भी बोरियों का वजन ४३ किलोग्राम से अधिक ही आया। इसके बाद पीडि़त किसान की मांग और साक्ष्यों के आधार पर मंडी अधिकारी के द्वारा ऑफिस में पंचनामा कार्यवाही की गई।

किसानों में आक्रोश कार्यवाही करने की मांग

वारासिवनी कृषि उपज मंडी जिले की सबसे बड़ी मंडियों में शुमार है जहां केवल वारासिवनी ही नहीं बल्कि जिले की विभिन्न तहसीलों से सैकड़ों किसान अपनी उपज बेचने आते हैं। किसानों का आरोप है कि मंडी में धान चोरी या अधिक तौल का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं लेकिन ठोस कार्यवाही नही होने के कारण इसके हौसले बुलंद हैं। किसानों ने मंडी प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे जो भी जिम्मेदार व्यक्ति हैं उन पर कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाए। ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान के साथ ऐसा धोखा ना हो सके।

बाइट नरेन्द्र बिसेन किसान

जयमाला भालाधरे मंडी अधिकारी

9 जुलाई 1949 को हुई थी,परिषद की स्थापना
बताया गया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी,तभी से प्रतिवर्ष इस दिवस को राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर जिलेभर में साप्ताहिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत आगामी दिनों में भी विभिन्न रचनात्मक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व कार्यकर्ताओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए वर्तमान कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति समर्पण एवं निरंतर सक्रियता बनाए रखने हेतु प्रेरित किया।कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति एवं उल्लास का वातावरण बना रहा, तथा उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में भारत माता की जय के उद्घोष के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।

आज का दिन सबसे प्रमुख दिन है- आदित्य
इस अवसर पर अभाविप जिला संयोजक आदित्य अग्रवाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस एवं अभाविप का स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थी शक्ति के संगठित होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक कार्यक्रमों की इस श्रृंखला में आज का दिवस सबसे प्रमुख रहा, क्योंकि यह दिवस संगठन की स्थापना की उस भावना का स्मरण कराता है जिसके आधार पर लाखों विद्यार्थी ज्ञान, शील और एकता के मार्ग पर चलकर राष्ट्र सेवा में समर्पित हुए हैं।

यह व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के मूल मंत्र है-कलश
नगर मंत्री कलश असाटी ने कहा कि विद्यार्थी परिषद प्रारंभ से ही व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के मूल मंत्र पर कार्य करती आई है, और आज का यह भव्य आयोजन उसी परंपरा की एक कड़ी है। उन्होंने उपस्थित सभी वर्तमान एवं पूर्व कार्यकर्ताओं तथा नगर के गणमान्य नागरिकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम को सफल एवं गरिमामय बनाया।कार्यक्रम में विघार्थी परिषद कार्यकर्ता मुख्य रूप से जिला संगठन मंत्री राहुल विश्वकर्मा,प्रांत कार्यकारिणी सदस्य कोमल भंडारकर, कुबेर सिंह बैस, राहुल बुरडे, अमन दशरिए, प्रियांशु तिवारी, आरव कुमरे, मुदित धनेश्वर, आशु पटले, भारती ठाकरे, प्रियांशु तिवारी, सागर कोहले लक्की बुरडे, मोहित बोकड़े, हार्दिक बुरडे, रोहित कोल्हे, हिमांशु हरिनखेड़े अभय बांगड़े, प्रख्यात मिश्रा, आर्या चौधरी, नारायण पटले, क्रिस सोनवाने, आशा डोंगरे, ख़ुशी मुनेश्वर एवं समस्त पूर्व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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