टेलीकॉम अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने IT मिनिस्ट्री से Truecaller जैसे कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मंजूरी मांगी है। दरअसल, TRAI ने फालतू और धोखाधड़ी वाली कॉल्स को रोकने के लिए एक नया ड्रॉफ्ट तैयार किया है। TRAI का कहना है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा वेरिफिकेशन आदि के लिए आने वाले कॉल को भी ट्रूकॉलर स्पैम के तौर पर टैग या ब्लॉक कर रहा है। कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप Truecaller के CEO ऋषित झुनझुनवाला ने इस कदम का विरोध किया है।मनीकंट्रोल की रिपोर्ट (REF.) के अनुसार, इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) से कॉलर आइडेंटिफिकेशन प्लेटफॉर्म ‘ट्रूकॉलर’ (Truecaller) के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मंजूरी मांगी है। आरोप है कि ट्रूकलर बैकों और फाइनेंशल इंस्टिट्यूशंस से आने वाली वेरिफिकेशन कॉल्स को भी स्पैम दिखाता है। ये कॉल 1400 और 1600 नंबरों से आती हैं।TRAI का कहना है कि इस प्रैक्टिस से जरूरी बैंकिंग कम्युनिकेशन जैसे फ्रॉड अलर्ट और ट्रांजैक्शन वेरिफिकेशन कॉल में रुकावट आ सकती है, क्योंकि ग्राहक इन कॉल का जवाब देने से डर सकते हैं। TRAI के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, रेगुलेटर ने पहले Truecaller को सलाह दी थी कि वह 1600 सीरीज के नंबरों को स्पैम के तौर पर मार्क ना करे, लेकिन कंपनी ने इस अनुरोध को नहीं माना।
अधिकारी ने बताया कि बैंकों से फीडबैक मिला है कि Truecaller उनकी कॉल को स्पैम के तौर पर मार्क कर रहा है। चूंकि ये जरूरी सर्विस और ट्रांजैक्शन कॉल होती हैं, इसलिए ग्राहक शायद इन्हें ना उठाएं। इससे सर्विस देने और ट्रांजैक्शन से जुड़े कम्युनिकेशन में दिक्कत होती है। TRAI ने 1600 नंबरिंग सीरीज को खास तौर पर बैंकों और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के सर्विस और ट्रांजैक्शन कम्युनिकेशन के लिए बनाया है।













































