भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) में बीटेक चतुर्थ सेमेस्टर के नौ सीलबंद प्रश्नपत्रों के लिफाफे चोरी होने के मामले में जांच अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
घटना के कई दिन बाद भी पुलिस चोर का पता नहीं लगा सकी है, जबकि विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति भी मामले की पड़ताल में जुटी है।
इसी बीच परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी ने कुलगुरु प्रो. आलोक शर्मा को अपना लिखित स्पष्टीकरण सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों से परीक्षा नियंत्रक के रूप में उन्होंने पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षाएं संचालित कराई हैं और उनके कार्यकाल में कभी भी प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पर सवाल नहीं उठे।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। परीक्षा शाखा से जुड़े कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी नहीं लगाने पर उठाए सवाल
डॉ. तिवारी ने अपने स्पष्टीकरण में विश्वविद्यालय प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया है।उनका कहना है कि परीक्षा शाखा की सुरक्षा मजबूत करने के लिए उन्होंने पहले ही सीसीटीवी कैमरे लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन यह व्यवस्था नहीं की गई।










































