पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। क्षेत्र के किसानों के हितों की रक्षा और उनके शोषण के खिलाफ मुखर रहने वाले प्रमुख संगठन किसान गर्जना की एक अति-आवश्यक बैठक बुधवार को नगर मुख्यालय स्थित विश्राम गृह में आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान और संगठन के पदाधिकारी सम्मिलित हुए, जहां सरकार द्वारा हाल ही में खाद के दामों में की गई बेतहाशा वृध्दि पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। जिसके बाद सभी पदाधिकारी वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति कार्यालय पहुंचे जहां मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार कन्हैयालाल टेकाम को ज्ञापन सौंपकर तत्काल खाद के दामों में हुई वृध्दि को रोकने की मांग की है। वहीं मांगे पूरी नही होने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। सौंपे गये ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सरकार द्वारा खाद के दामों में की गई भारी वृध्दि ने पहले से ही विभिन्न आर्थिक संकटों से जूझ रहे अन्नदाता की कमर तोडक़र रख दी है। एक तरफ सरकार मंचों से किसानों की आय दोगुनी करने के बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं करती है। वहीं दूसरी तरफ खाद, बीज, डीजल, बिजली और कृषि उपकरणों की लगातार बढ़ती कीमतों ने व्यावहारिक रूप से खेती को पूरी तरह घाटे का सौदा बना दिया है। किसान गर्जना संगठन के पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश और प्रदेश का किसान पूरी तरह कर्ज के दलदल में डूबा हुआ है। लगातार बढ़ रही कृषि लागत के अनुपात में किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में खाद के दाम बढ़ाकर सरकार ने किसानों पर अतिरिक्त और असहनीय आर्थिक बोझ डालने का जनविरोधी कार्य किया है। संगठन ने इस निर्णय को सीधे तौर पर किसान विरोधी और किसानों के अधिकारों के साथ एक बड़ा अन्याय करार दिया है।
सरकार से की गई प्रमुख मांगे
किसान गर्जना संगठन के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर खाद के बढ़े हुए दामों को बिना किसी विलंब के तत्काल प्रभाव से वापस लिये जाने, आगामी सीजन को देखते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में पुराने दामों पर ही खाद उपलब्ध करवाने, बाजार में खाद की कालाबाजारी और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले बिचौलियों व दोषियों के विरूध्द सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही करने, कृषि लागत को कम करने के उद्देश्य से सरकार किसानों के लिए एक विशेष राहत पैकेज की तत्काल घोषणा करने, भविष्य में किसानों से जुड़े किसी भी प्रकार के नीतिगत निर्णय लेने से पूर्व किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा अनिवार्य रूप से करने की मांग की है। साथ ही संगठन ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में आगाह करते हुए चेतावनी दी है कि यदि किसानों की इन न्यायोचित और आवश्यक मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो किसान गर्जना संगठन पूरे मध्यप्रदेश में चरणबध्द वं व्यापक जनांदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। जिसके अंतर्गत तहसील व जिला मुख्यालयों, सहकारी समितियों और खाद वितरण केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन, घेराव और चक्काजाम किये जायेगें, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
बाईट – अरविंद चौधरी पदाधिकारी – किसान गर्जना संगठन बालाघाट।








































