निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में बड़ा हादसा, कच्चे मकान की दीवार ढही, मलबे में दबे तीन मजदूर,

0

शहर के वार्ड क्रमांक-22 स्थित पुराना राम मंदिर गली में बुधवार शाम एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निर्माण कॉम्प्लेक्स से सटी एक कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार का पूरा मलबा वहां काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरा, जिससे तीन मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तत्काल मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय नागरिकों, पुलिस और अन्य लोगों के संयुक्त प्रयास से मलबे में दबे तीनों मजदूरों को बाहर निकाला गया। इनमें दो मजदूरों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल रेफर किया गया, जबकि एक घायल का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।

जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक-22 स्थित पुराने राम मंदिर क्षेत्र में हर्षित पगारिया के निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में पिछले कई दिनों से भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। फिलहाल बेसमेंट निर्माण का काम किया जा रहा था और बुधवार शाम करीब 5:30 बजे लगभग 14 मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान निर्माण स्थल से सटा एक पुराना कच्चा मकान, जिसे पहले ही खाली करा दिया गया था, अचानक ढह गया। देखते ही देखते दीवार का भारी मलबा तीन मजदूरों पर गिर पड़ा। हादसे में नीलेश पिता धनलाल नगपुरे (23 वर्ष), निवासी नवेगांव, चैतराम पिता सोंधड़ सौलखे (35 वर्ष), निवासी नेतरा तथा मानिक पिता उमेंद्र मचाड़े (48 वर्ष), निवासी तिलपेवाड़ा, हट्टा मलबे में दब गए। घटना के बाद निर्माण स्थल पर मौजूद अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद आसपास के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय नागरिकों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद सबसे पहले मानिक को बाहर निकाला गया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोंदिया रेफर कर दिया गया। इसके बाद चैतराम को भी मलबे से बाहर निकाला गया। उन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए निजी अस्पताल भेजा गया। तीसरे घायल नीलेश को भी सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना स्थल के पास स्थित में मोबाइल दुकान संचालित करने वाले सुमित मंगलानी ने बताया कि हादसे की आवाज सुनते ही वह तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और अन्य लोगों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने कहा कि घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हालांकि हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंच गई। नगर पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी स्वयं पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। उनके साथ चालक राजू गौतम, आकाश ब्रह्मे सहित पुलिस कर्मियों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल भिजवाया, जिससे समय रहते घायलों का उपचार शुरू हो सका। इस हादसे के बाद निर्माणाधीन परिसर में अपनाए जा रहे सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर बेसमेंट की खुदाई और निर्माण कार्य किया जा रहा था, वहां आसपास स्थित पुराने मकानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त एहतियात बरते जाने चाहिए थे। यदि निर्माण कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाते तो संभवतः इस प्रकार की घटना टाली जा सकती थी।

प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका हैं – मयंक तिवारी

नगर पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और सबसे पहले घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर हादसे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। फिलहाल घायलों का उपचार कराया जा रहा है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस हादसे ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here