डिजिटल फरमान बनाम जमीनी हकीकत: ई-अटेंडेंस के लिए नेटवर्क का एक-दो घंटे तक इंतजार करते हैं मैहर के शिक्षक

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। जिले के जनपद शिक्षा केंद्र रामनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कंदवारी के मूर्तिहाई क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था की जमीनी हकीकत सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है। शिक्षक रोजाना स्कूल परिसर से दूर पेड़ों और पहाड़ियों पर जाकर मोबाइल सिग्नल तलाशने को मजबूर हैं।

एक-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता

शिक्षकों का कहना है कि नेटवर्क की तलाश में उन्हें एक-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार सिग्नल मिलने के बजाय मोबाइल स्क्रीन पर ‘नो इंटरनेट’ या ‘502 बैड गेटवे’ जैसे एरर दिखाई देते हैं।

पढ़ाई भी हो रही प्रभावित

शिक्षकों के अनुसार ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए स्कूल समय में नेटवर्क तलाशना पड़ता है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। वहीं जरूरी फोन कॉल, ऑनलाइन भुगतान और परिवार से संपर्क जैसी रोजमर्रा की सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

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