तेंदूपत्ता तोड़ने गए मजदूर पर 2 मादा रीछ ने किया हमला

0

पदमेश न्यूज़, बालाघाट। कटंगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अम्बेझरी जंगल में मंगलवार को तेंदूपत्ता तोड़ने गए एक मजदूर युवक पर, दो मादा रीछ ने प्राण घातक हमला कर दिया।जहां रीछ के इस हमले से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक का नाम थाना कटंगी ग्राम अम्बेझरी निवासी 27 वर्षीय वीर सिंह पिता अर्जुन कोकोड़े बताया गया है।जिसका गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में उपचार जारी है।उधर तेंदूपत्ता तोड़ते समय रीछ के हमले से गम्भीर रूप से घायल मजदूर को उपचार कराने के लिए वन विभाग से किसी प्रकार की आर्थिक मदद न मिलने पर, घायल के परिजनों द्वारा नाराजगी जताई गई है।जिन्होंने विभाग से युवक के उपचार के लिए नियमो के तहत आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की है।

रीछ का हमला होते देख भागे साथी मजदूर
प्राप्त जानकारी के अनुसार अम्बेझरी निवासी वीर सिंह खेती बाड़ी व मजदूरी का कार्य करता है जो पिछले दो दिनों से तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए अपने अन्य साथियों के साथ गांव के ही अम्बेझरी जंगल में जा रहा था। वन विभाग द्वारा कराए जा रहे तेंदूपत्ता तोड़ने के इस कार्य के दौरान मंगलवार की सुबह करीब 9:30 बजे अचानक पीछे से आई एक मादा रीछ और उसके बच्चे ने वीर सिंह पर अचानक प्राणघातक हमला बोल दिया। जहां रीछ का हमला होता देख वीर सिंह के साथ मौजूद 8 से 10 साथी मजदूर भाग गए और दूर से शोर मचाने लगे, इसी दरमियान वीर सिंह ने भी शोर मचाते हुए रीछ को पैरों से मार कर भगा दिया और लड़खड़ाते हुए अपने साथियों के पास आ गया। हालांकि इस हमले में वीर के हाथ पैर कमर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आई है।

विभाग ने नहीं की आर्थिक मदद
उधर रीछ के हमले से घायल होने की जानकारी साथी मजदूरों द्वारा वन विभाग कर्मचारी को दी गई और युवक को उठाकर उपचार के लिए कटंगी के अस्पताल लाया गया। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद, वहां के चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रिफर कर दिया। जिनके परिजन मंगलवार के शाम वीर को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए, जहां वीर का उपचार जारी है। घायल के परिजनों की माने तो वन्य प्राणियों के हमले से घायल होने पर अक्सर वन विभाग द्वारा उपचार के लिए आर्थिक सहायता की जाती है,लेकिन मामले की जानकारी होने के बाद भी विभाग द्वारा अब तक आर्थिक मदद नहीं पहुंचाई गई है। उन्होंने बताया कि विभाग के कर्मचारियों द्वारा कहा गया था कि घायल के उपचार के लिए विभाग द्वारा आर्थिक मदद की जाएगी। लेकिन शाम होने को आई है अब तक कोई भी वन विभाग का अधिकारी या कर्मचारी देखने तक नहीं आया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here